Anu Meena Case: जयपुर। जयपुर के चर्चित अनु मीणा सुसाइड मामले में अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। एफआईआर दर्ज होने के 13 दिन बाद भी आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पति गौतम मीणा सहित किसी भी नामजद आरोपी(Anu Meena Case)की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
मामले में लगातार हो रही देरी के बाद अनु मीणा के परिजनों ने जांच सीबीआई को सौंपने की मांग उठाई है। परिवार का कहना है कि उन्हें जयपुर पुलिस की जांच पर अब भरोसा नहीं रहा और निष्पक्ष जांच केवल सीबीआई ही कर सकती है।
परिजनों का आरोप है कि अनु मीणा लंबे समय से पति और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से परेशान थी। सोशल मीडिया पोस्ट और व्हाट्सएप चैट्स में भी उसकी मानसिक स्थिति खराब होने के संकेत मिलने के दावे किए जा रहे हैं। परिवार का कहना है कि यदि पुलिस ने शुरुआत में ही सख्ती दिखाई होती तो अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी होती।
इधर, मामले में पहली बार आरोपी पति गौतम मीणा का वीडियो संदेश सामने आया है। वीडियो में उसने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि घटना वाले दिन वह बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद चोमू स्थित मकान के काम से जा रहा था। उसने कहा कि इस दौरान उसकी अनु से फोन और वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी और उसने उसे समझाने की कोशिश भी की थी।
कुछ लोग उसके खिलाफ साजिश
गौतम मीणा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग उसके खिलाफ साजिश कर रहे हैं और घर से कुछ सामान व सबूत हटाए गए हैं। उसने कहा कि उसकी कई संपत्तियां अनु मीणा के नाम पर हैं और वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेगा।
हालांकि वीडियो सामने आने के बाद भी सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि अगर गौतम खुद को निर्दोष बता रहा है तो वह अब तक पुलिस के सामने पेश क्यों नहीं हुआ। वहीं जयपुर पुलिस का कहना है कि आरोपी और अन्य नामजद लोगों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। लेकिन 13 दिन बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल और तेज हो गए हैं।
