Chittorgarh News : चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के पूर्व सभापति संदीप शर्मा पर दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में पुलिस अनुसंधान पूरा हो गया है। उन्होंने आरोपों को झूठा बताया है। इस हाईप्रोफाइल मामले में 10 महीने में तीन बार जांच के बाद सदर थाना पुलिस ने कोर्ट में 24 पेज की एफआर यानी अंतिम खात्मा रिपोर्ट पेश कर दी। (Chittorgarh News )एक विवाहिता युवती द्वारा वर्ष 2019 से 2024 तक (पूरे सभापति कार्यकाल) उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों में दुष्कर्म, यौन शोषण, जबरन शादी रचाने और बंधक बनाने जैसे मुद्दे शामिल थे।
हाईकोर्ट से राहत, एफआर रिपोर्ट की पेशी
संदीप शर्मा ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेने में सफलता प्राप्त की। अब पुलिस की ओर से भी एफआर पेश होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों के बीच संबंध और उपहारों का लेन-देन आपसी सहमति से हुआ। यह दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं आता है।
पुलिस ने जांच के दौरान गोवा, मुंबई, दिल्ली और उदयपुर के होटलों में भी पहुंचकर मामले की जांच की। हालांकि, कहीं भी दुष्कर्म या इसकी शिकायत करने की पुष्टि नहीं हुई। जांच में दोनों का साथ आना पाया गया, लेकिन इसे जबरन दुष्कर्म के रूप में नहीं लिया गया।
संदीप शर्मा का बयान
संदीप शर्मा ने कहा, “मैं शुरू से कह रहा था कि मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र है, जो क्षेत्र के बड़े राजनेताओं ने रचा। अब पुलिस जांच में यह साबित हो गया है कि प्रकरण झूठा था।”संदीप शर्मा ने विपक्षी विधायक चंद्रभानसिंह आक्या और कांग्रेस के नेता सुरेंद्रसिंह जाड़ावत पर भी बिना नाम लिए आरोप लगाए थे।
इस मामले में बाद में कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था। कांग्रेस पार्टी से बाहर होने के बाद, संदीप शर्मा के लिए राजनीतिक क्षेत्र में दोबारा एंट्री एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस मामले ने राजनीतिक चर्चाओं में खूब सुर्खियां बटोरी हैं।






























































