टमाटर-गोभी से लेकर बिस्कुट-तेल तक महंगे होंगे सामान? जानें क्यों बढ़ सकते हैं दाम

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Economic News: अगर आप बाजार से सब्जी या किराना लेने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए. टमाटर और फूलगोभी से लेकर आपके पसंदीदा बिस्कुट और खाना पकाने के तेल तक, आपकी रसोई का बजट जल्द ही बिगड़ने वाला है. सरकारी आंकड़ों और उद्योग रिपोर्टों के अनुसार, आने वाले महीनों में घर में बने भोजन से लेकर पैकेटबंद खाद्य पदार्थों तक, रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं.(Economic News)
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.48 प्रतिशत हो गई है. इसमें सबसे बड़ी भूमिका खाद्य पदार्थों की कीमतों ने निभाई है. उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) अप्रैल में 4.20 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

टमाटर और सब्जियों का हाल

सब्जी मंडी में फिलहाल टमाटर सबसे ज्यादा ‘लाल’ हो रहा है. टमाटर की मुद्रास्फीति 35.28 प्रतिशत के उच्च स्तर पर है. विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में कम बुवाई और देश के प्रमुख हिस्सों में पड़ रही भीषण लू के कारण जुलाई-अगस्त के दौरान टमाटर की कीमतों में और भी उछाल आ सकता है. फूलगोभी की कीमतों में भी 25.58 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. हालांकि, आलू और प्याज की कीमतों में गिरावट से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, रबी प्याज का उत्पादन कम होने की वजह से भविष्य में प्याज की कीमतें भी बढ़ सकती हैं.

बिस्कुट और तेल भी होंगे महंगे

सिर्फ ताजी सब्जियां ही नहीं, बल्कि पैकेटबंद सामान (FMCG) बनाने वाली कंपनियां भी दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं. ब्रिटानिया जैसी कंपनियों ने ईंधन और पैकेजिंग लागत में 20 प्रतिशत की वृद्धि के कारण कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं. कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण ट्रांसपोर्टेशन महंगा हुआ है, जिसका सीधा असर वनस्पति तेल और अन्य पैकेटबंद सामानों पर पड़ेगा.डाबर इंडिया कंपनी ने लागत की भरपाई के लिए अपने कुछ प्रोडक्ट्स में पहले ही 4 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है.

आम आदमी पर क्या होगा असर?

क्रिसिल की ‘रोटी राइस रेट’ रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में एक आम भारतीय थाली की कीमत में 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. आने वाले समय में आपूर्ति की चुनौतियों और वैश्विक लागत दबावों के कारण मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक खर्च में बढ़ोत्तरी होना तय माना जा रहा है.

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