Western Disturbance: राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर देखने को मिला। चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, अलवर और सीकर सहित कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी और रेत के बवंडर ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। ( Western Disturbance)कई इलाकों में हवा की रफ्तार 102 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जबकि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में इसकी शुरुआत 56 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हुई।
दिन में छाया अंधेरा, वाहनों की लाइट जलानी पड़ी
आंधी और धूल के गुबार के कारण कई शहरों में दिन के समय ही अंधेरा छा गया। दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। अजमेर और जोधपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जबकि जयपुर के ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई।
पाली में दर्दनाक हादसा, बच्चे की मौत
पाली जिले में तेज अंधड़ के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गुड़ा एंदला क्षेत्र के निम्बाड़ा गांव में घर के बाहर खेल रहे 16 वर्षीय जिग्नेश पर इमली का पेड़ गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं पुनायता क्षेत्र में बाइक सवार पर पेड़ की डाल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
कई जगह नुकसान, CCTV में कैद हुआ घटनाक्रम
जयपुर के चौमूं में एक दुकान का टीन शेड उड़कर सड़क पर जा गिरा। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। उदयपुर में झील किनारे बने ओपन रेस्टोरेंट के टेंट तेज हवाओं में उड़ने लगे, जिन्हें कर्मचारियों ने संभाला। भीलवाड़ा के मांडल में BSNL का टावर गिर गया, हालांकि बड़ा हादसा टल गया।
चूरू के रतनगढ़ में बिजली गिरने से मकान की पानी की टंकी और दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और नौतपा से राहत मिली है। हालांकि मौसम विभाग ने तेज आंधी और बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
