दुश्मनी से समझौते तक! US-ईरान वार्ता में बड़ी प्रगति, जंग खत्म होने के संकेत

global geopolitics update

global geopolitics update: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग को खत्म करने के लिए राजनयिक कोशिशें अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गई हैं. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक फ्रेमवर्क समझौते पर सहमति बनती दिख रही है जिससे 22 अप्रैल को युद्धविराम खत्म होने से पहले शांति की उम्मीद जगी है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पर्दे के पीछे से लगातार बातचीत जारी है और दोनों पक्ष आपसी मतभेदों को कम करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं.(global geopolitics update)हालांकि अभी पूरी तरह से डील फाइनल नहीं हुई है लेकिन दोनों देशों की सरकारों का एक बड़ा हिस्सा इस युद्ध को अब और आगे नहीं बढ़ाना चाहता है.

युद्धविराम को दो सप्ताह के लिए

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार बातचीत को पूरा समय देने के लिए युद्धविराम को दो सप्ताह के लिए और बढ़ाया जा सकता है. पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश इस पूरे मामले में बिचौलिए की भूमिका निभा रहे हैं और उनकी कोशिश है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे विवादित मुद्दों पर तकनीकी बातचीत शुरू हो सके. पाकिस्तान के एक अधिकारी ने इस पर सावधानी भरा उत्साह जताते हुए कहा कि वे दोनों पक्षों पर दबाव बना रहे हैं ताकि कोई ठोस नतीजा निकल सके. डोनाल्ड ट्रंप की टीम के मुख्य सदस्य जैसे जेडी वेंस और जैरेड कुशनर भी ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार प्रस्तावों का आदान-प्रदान कर रहे हैं.

नाकेबंदी की वजह से ईरान का तेल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में बड़े ही आत्मविश्वास के साथ कहा है कि यह युद्ध अब खत्म होने के बिल्कुल करीब है. ट्रंप के इस बयान के पीछे अमेरिकी सेना की वह नाकेबंदी भी है जिसने महज 36 घंटों के भीतर ईरानी बंदरगाहों को पूरी तरह घेर लिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि इस नाकेबंदी की वजह से ईरान का तेल निर्यात बुरी तरह ठप हो गया है जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है. एक अमेरिकी अधिकारी ने तो यहाँ तक कह दिया कि ईरान के पास अब पैसे खत्म हो रहे हैं और उसे पता है कि इस आर्थिक संकट से बचने का इकलौता रास्ता समझौता ही है.

वाशिंगटन का नया संदेश ईरानी नेतृत्व

शांति की इन कोशिशों के बीच पाकिस्तान ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता और बढ़ा दी है. सेना प्रमुख आसिम मुनीर खुद बुधवार को तेहरान पहुंचे हैं ताकि वाशिंगटन का नया संदेश ईरानी नेतृत्व तक पहुंचाया जा सके. दूसरी ओर इजरायल भी अपने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुला रहा है क्योंकि लेबनान के साथ भी सीधे संवाद की खबरें सामने आ रही हैं. पेंटागन के आंकड़ों के अनुसार इस पूरे संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और करीब 395 घायल हुए हैं. हालांकि शांति की दिशा में प्रगति दिख रही है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक आखिरी दस्तखत नहीं हो जाते तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.

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