Pakistan Terrorists: आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 23 व्यक्तियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया है। (Pakistan Terrorists) इन नामों को UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल कर दिया गया है। सरकार के अनुसार ये सभी व्यक्ति भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और इनमें से कई पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में छिपे हुए हैं।
जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नाम शामिल
गृह मंत्रालय की लिस्ट में कई कुख्यात आतंकियों के नाम शामिल हैं, जिन पर पहले से ही भारत में बड़े आतंकी हमलों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं। इनमें मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान और हाफिज अब्दुल शकूर जैसे नाम प्रमुख हैं। इन सभी पर साल 2016 में नगरोटा सेना शिविर पर हुए हमले और 2022 में जम्मू के सुंजवां क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हुए हमले से जुड़ी साजिश में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद को आतंकी सरगना हाफिज मोहम्मद सईद का करीबी सहयोगी बताया गया है।
मोहम्मद शहीद फैसल पाक…
लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा में नाम मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ जाकिर का है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार उसका स्थायी पता बेंगलुरु (कर्नाटक) है, लेकिन वह वर्तमान में पाकिस्तान के रावलपिंडी में सक्रिय है। उस पर आरोप है कि वह लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और ISIS जैसे आतंकी संगठनों के मॉड्यूल से जुड़ा रहा है। साथ ही वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती, हथियार प्रशिक्षण और आतंकी फंडिंग जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा है।
UAPA के तहत सख्त कार्रवाई
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन सभी व्यक्तियों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। इसी आधार पर उन्हें UAPA की धारा 35 के तहत चौथी अनुसूची में शामिल किया गया है। इस लिस्ट में शामिल होने के बाद अब इन आतंकियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जांच और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया और अधिक तेज और प्रभावी हो जाएगी।यह नोटिफिकेशन गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव राकेश राठी द्वारा जारी की गई है। सरकार ने दोहराया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और देश की सुरक्षा के लिए ऐसे तत्वों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
