CIA secret operation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया खुलासे ने वैश्विक राजनीति और सुरक्षा गलियारों में हलचल मचा दी है। पहली बार सार्वजनिक रूप से ट्रंप ने यह पुष्टि की है कि अमेरिका ने वेनेजुएला की सीमा के भीतर घुसकर एक गुप्त सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह कार्रवाई उस रणनीतिक डॉक (घाट) पर की गई, जिसे बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी का मुख्य केंद्र माना जा रहा था। यह कदम केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की घेराबंदी और (CIA secret operation)नार्को-टेररिज्म के खिलाफ अमेरिका की बदलती रणनीति का संकेत माना जा रहा है। संदेश साफ है…अब अमेरिका समुद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर जमीन पर भी निर्णायक प्रहार करेगा।
तट पर तबाही और ट्रंप का बड़ा….
फ्लोरिडा में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने इस ऑपरेशन का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जिस घाट से ड्रग तस्करी की नावें लोड होती थीं, वहां भीषण विस्फोट हुआ और पूरा ढांचा पूरी तरह नष्ट हो गया।
ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई उन ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ थी, जो अमेरिका में नशे का जाल फैलाकर हजारों जिंदगियों को बर्बाद कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस हमले को अमेरिकी सेना ने अंजाम दिया या खुफिया एजेंसी CIA ने, लेकिन ऑपरेशन को पूरी तरह “सटीक और सफल” बताया।
समुद्र से जमीन तक
अब तक अमेरिकी नौसेना और कोस्ट गार्ड की कार्रवाई कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र तक सीमित थी। लेकिन यह पहली बार है जब अमेरिकी ऑपरेशन सीधे वेनेजुएला की जमीन तक पहुंचा है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह अमेरिका की सैन्य नीति में एक बड़ा विस्तार है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ड्रग नेटवर्क के खिलाफ जंग अब सिर्फ समुद्र तक सीमित नहीं रहेगी। इससे मादुरो सरकार पर राजनीतिक और सैन्य दबाव और बढ़ गया है।
गुप्त ऑपरेशन की मंजूरी
एक हालिया इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि सितंबर के बाद से ड्रग्स ले जाने वाली नावों पर 29 हमले किए गए हैं, जिनमें करीब 105 लोग मारे गए हैं। हालांकि अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर वेनेजुएला के भीतर हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
गौर करने वाली बात यह है कि अक्टूबर में ट्रंप पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने CIA को वेनेजुएला में गुप्त ऑपरेशनों की अनुमति दी थी। मौजूदा हमला उसी “स्पेशल ऑपरेशन” रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ना है।
वेनेजुएला की खामोशी…
इतनी बड़ी सैन्य कार्रवाई के बावजूद वेनेजुएला सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अमेरिका पहले ही वेनेजुएला पर कड़ी तेल नाकेबंदी (Oil Blockade) लागू कर चुका है, जिससे मादुरो शासन की आर्थिक रीढ़ कमजोर हो रही है। अब जमीन पर हुआ यह ताजा हमला वेनेजुएला की संप्रभुता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह कार्रवाई आने वाले दिनों में किसी बड़े वैश्विक टकराव की भूमिका बनेगी, या मादुरो सरकार दबाव में झुकने को मजबूर होगी।
