इस्लामाबाद 2.0 वार्ता पर सस्पेंस, ट्रंप की ईरान को धमकी…. अब नहीं सीजफायर

World News: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता 2.0 को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच रहा है, जबकि दूसरी ओर राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के नेतृत्व वाला ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है. हालांकि, जेडी वेंस के बारे में ये बताया जा रहा है कि अभी वे व्हाइट हाउस में ही है. (World News)हालांकि पेजेश्कियन ने संकेत दिए हैं कि वे युद्ध समाप्त कर देश के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कड़ा बयान देकर तनाव बढ़ा दिया है.

बहुत सारे बम गिरने….

ट्रंप ने PBS News से बातचीत में कहा कि यदि ईरान के साथ सीजफायर समाप्त होता है, तो “बहुत सारे बम गिरने” शुरू हो जाएंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की प्राथमिक मांग यही है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों. यह बयान उस समय आया जब इस्लामाबाद में वार्ता के लिए अमेरिकी तैयारी चल रही थी.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने New York Post से बातचीत में ईरान के साथ संभावित कूटनीतिक पहल को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि यदि इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता सफल रहती है, तो वे ईरान के नेताओं के साथ सीधे बातचीत करने के लिए भी तैयार हैं. इससे पहले ट्रंप ने पुष्टि करते हुए कहा था JD Vance के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पहले ही पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुका है. इस प्रतिनिधिमंडल में विशेष दूत Steve Witkoff और सलाहकार Jared Kushner भी शामिल हैं.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक ओर तनाव और सैन्य चेतावनियां जारी हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक समाधान की संभावना भी खुली रखी जा रही है, जो इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक अहम बना देता है।

दूसरी ओर, ईरान ने सार्वजनिक रूप से अमेरिका के प्रति अविश्वास जताया है. राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि बातचीत तभी सार्थक होगी जब वादों का पालन किया जाए. उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और अमेरिकी रवैया विरोधाभासी तथा गैर-रचनात्मक रहा है.

 अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के पालन

इस बीच वैश्विक शक्तियां भी सक्रिय हो गई हैं. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने Xinhua News Agency के अनुसार सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से बातचीत में Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने की अपील की और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया.

उधर यूके की विदेश मंत्री Yvette Cooper ने Tokyo में अपने जापानी समकक्ष Toshimitsu Motegi से मुलाकात के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द खोलने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया. स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है. एक तरफ शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी ओर कड़े बयान, अविश्वास और सैन्य चेतावनियां पूरे क्षेत्र को अस्थिर बनाए हुए हैं.

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