International Trade:वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ट्रेड पॉलिसी को लेकर बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह अब Section 122 के तहत 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने के लिए नया कार्यकारी आदेश (Executive Order) साइन करेंगे।
यह कदम ऐसे समय पर आया है (International Trade)जब हाल ही में Supreme Court of the United States ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए पुराने टैरिफ के एक खास इस्तेमाल को अवैध ठहराया था।
क्या है नया प्लान?
ट्रंप ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “आज मैं Section 122 के तहत 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का आदेश साइन करूंगा। यह पहले से वसूले जा रहे सामान्य टैरिफ के ऊपर लागू होगा।”
इसका सीधा मतलब है कि लगभग सभी देशों से आने वाले आयात पर अतिरिक्त 10% शुल्क लगाया जा सकता है। यह फैसला अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी में बड़ा बदलाव माना जा रहा है और वैश्विक बाजार पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट पर नाराजगी, लेकिन अधिकारों पर भरोसा
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि अदालत ने राष्ट्रपति की टैरिफ लगाने की शक्ति को कमजोर नहीं किया है। उनके मुताबिक, कोर्ट ने सिर्फ IEEPA के तहत टैरिफ के एक खास इस्तेमाल को खारिज किया है, पूरी शक्ति को नहीं।
ट्रंप बोले, “सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले ने राष्ट्रपति की ट्रेड को रेगुलेट करने और टैरिफ लगाने की शक्ति को और ज्यादा स्पष्ट बना दिया है।”
“कानूनी झटके के बाद ट्रंप ने…”
टैरिफ पर कानूनी झटके के बाद ट्रंप ने अपने तथाकथित ‘Plan B’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “अब मैं और ज्यादा चार्ज कर सकता हूं… मेरा प्लान बी पहले से ज्यादा मजबूत है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन अब ट्रेड कानूनों के दूसरे प्रावधानों के जरिए टैरिफ लागू करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
क्यों है अहम Section 122?
Section 122 अमेरिकी ट्रेड कानून का एक ऐसा प्रावधान है, जिसके तहत राष्ट्रपति भुगतान संतुलन (Balance of Payments) संकट या अचानक आयात बढ़ने की स्थिति में अस्थायी टैरिफ लगा सकता है।
ट्रंप अब इसी सेक्शन का सहारा लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई कानूनी राह तलाश रहे हैं।
ट्रंप ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा, “वे सड़कों पर नाच रहे हैं, लेकिन ज्यादा दिन नहीं नाचेंगे। मैं भरोसा दिलाता हूं।”उन्होंने संकेत दिया कि आगे की रणनीति में कांग्रेस की भूमिका भी अहम हो सकती है।
वैश्विक असर क्या होगा?
अगर 10% ग्लोबल टैरिफ लागू होता है, तो इसका असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। अंतरराष्ट्रीय व्यापार, सप्लाई चेन और डॉलर आधारित व्यापार प्रणाली पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
अब नजर इस बात पर है कि क्या ट्रंप का यह नया कदम कानूनी जांच में टिक पाएगा या फिर एक और कानूनी लड़ाई शुरू होगी।
