Washington : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को फ्लोरिडा में मिडटर्म चुनाव के सिलसिले में मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ त्वरित सैन्य कार्रवाई कर सकता है या फिर दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम पर एक बड़ा समझौता हो सकता है। हमला करने के सवाल पर ट्रम्प ने कहा कि यह कार्रवाई “कल भी हो सकती है” या फिर बातचीत के जरिए कोई व्यापक समाधान निकाला जा सकता है, लेकिन अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर पाए।
सैन्य अभियानों की सराहना करते हुए ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी बलों ने ईरानी वायुसेना और नौसैनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। हालांकि, अमेरिकी और इजराइली रक्षा हलकों में आगामी 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों के मद्देनजर रणनीति पर विचार जारी है। चुनाव में अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण तय होना है, जिसे देखते हुए बयानों और सैन्य कदमों पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।
तनाव की यह स्थिति हाल ही में सामने आई अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के बाद और अधिक संवेदनशील हो गई है। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) जे क्लेटन द्वारा विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजे गए ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि ईरान ने मध्य पूर्व और अमेरिका में तैनात अमेरिकी राजनयिकों व अधिकारियों को निशाना बनाने की साजिशों को बढ़ा दिया है। रिपोर्ट में ईरानी खुफिया इकाइयों से जुड़े खतरे और साजिशों के उन्नत चरण में होने का जिक्र किया गया है, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब सहित कई क्षेत्रों से गैर-जरूरी राजनयिक कर्मचारियों को वापस बुलाने के निर्देश जारी किए हैं।
