SMS Hospital Jaipur: जयपुर। सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। चिकित्सकों ने सीकर निवासी एक महिला के दाहिनी ओर(SMS Hospital Jaipur) के डायफ्रामेटिक हर्निया (Right Diaphragmatic Hernia) का अत्याधुनिक लैप्रोस्कोपिक (दूरबीन) तकनीक से सफल ऑपरेशन कर उसे संभावित जानलेवा जटिलताओं से सुरक्षित बचा लिया।
महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर एसएमएस अस्पताल पहुंची थी। प्रारंभिक जांच के दौरान जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. अमित जैन को सामान्य पेट दर्द से अलग किसी गंभीर बीमारी की आशंका हुई। विस्तृत रेडियोलॉजिकल जांच में पता चला कि मरीज के डायफ्राम में करीब 6×5 सेंटीमीटर का बड़ा छेद था, जिसके कारण दाहिनी किडनी, ट्रांसवर्स कोलन (बड़ी आंत का हिस्सा) और लिवर का एक भाग अपनी सामान्य स्थिति से खिसककर छाती में पहुंच गए थे।
विशेषज्ञों के अनुसार दाहिनी ओर का डायफ्रामेटिक हर्निया बेहद दुर्लभ बीमारी है और उसमें एक साथ कई महत्वपूर्ण अंगों का छाती में पहुंच जाना अत्यंत जटिल स्थिति मानी जाती है। डॉ. अमित जैन ने बताया कि यदि समय पर बीमारी का पता नहीं चलता, तो मरीज को आंत फंसने, रक्त प्रवाह रुकने, आंत फटने, गंभीर संक्रमण और श्वसन संबंधी समस्याओं जैसी जानलेवा जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता था।
जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने अत्याधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक का उपयोग करते हुए छोटे-छोटे चीरों के माध्यम से सफल ऑपरेशन किया। सर्जरी के दौरान सभी प्रभावित अंगों को सावधानीपूर्वक उनकी सामान्य स्थिति में स्थापित किया गया और डायफ्राम में बने बड़े छेद की मेश (Mesh) की सहायता से सफल मरम्मत की गई।
चिकित्सकों ने बताया कि इतनी जटिल स्थिति का पूरी तरह लैप्रोस्कोपिक तकनीक से सफल उपचार तकनीकी रूप से बड़ी उपलब्धि है। यह सफलता विशेषज्ञ सर्जनों की कुशल योजना, एनेस्थीसिया टीम के प्रभावी सहयोग और उत्कृष्ट टीमवर्क का परिणाम है। अस्पताल प्रशासन ने इसे एसएमएस अस्पताल की उन्नत सर्जिकल क्षमता और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
