पहले ही इंटरनेशनल मंच पर पदक, आखिर कौन हैं सीकर की ख्वाइश शर्मा?

Asian Championship 2026: नई दिल्ली। राजस्थान के सीकर जिले की प्रतिभाशाली राइफल निशानेबाज ख्वाइश शर्मा ने Asian Championship 2026 में कांस्य पदक जीतकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शानदार शुरुआत की है। राजधानी के Dr Karni Singh Shooting Range, New Delhi में आयोजित इस (Asian Championship 2026)प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया के शीर्ष निशानेबाज़ों के बीच ख्वाइश ने तीसरा स्थान हासिल कर देश का नाम रोशन किया।

पहला मौका, लेकिन प्रदर्शन चैंपियन जैसा

यह ख्वाइश का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था, लेकिन दबाव के बीच उनका आत्मविश्वास किसी अनुभवी खिलाड़ी से कम नहीं दिखा। निर्णायक राउंड में उन्होंने संयम और सटीक निशाने के दम पर पदक पक्का किया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारतीय निशानेबाज़ी में उभरती नई पीढ़ी की ताकत को दर्शाती है।

फतेहपुर शेखावाटी से अंतरराष्ट्रीय मंच तक

सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी की रहने वाली ख्वाइश ने अपनी मेहनत और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है। सीमित संसाधनों के बीच लगातार अभ्यास और अनुशासन ने उन्हें इस स्तर तक पहुंचाया। उनकी सफलता पूरे शेखावाटी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।

 

Asian Championship 2026

“यह तो बस शुरुआत है”

अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए ख्वाइश ने कहा कि पहले ही अंतरराष्ट्रीय अनुभव में पदक जीतना उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा, “कई वर्षों की मेहनत का फल इतने बड़े मंच पर मिलना बेहद खास है, लेकिन मैं जमीन से जुड़ी रहना चाहती हूं क्योंकि यह मेरे करियर की सिर्फ शुरुआत है।”

कोच और परिवार को दिया श्रेय

ख्वाइश ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कोच Monika Jakhar को दिया, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका मार्गदर्शन किया। साथ ही उन्होंने अपने परिवार का आभार जताया, जिनके समर्थन और त्याग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

नजर अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर

आने वाले समय में ख्वाइश कई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही हैं। उनका लक्ष्य सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि भारत को शूटिंग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।

ख्वाइश शर्मा का यह कांस्य पदक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि छोटे शहरों की बेटियां अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं। भारतीय निशानेबाज़ी के भविष्य के लिए यह उपलब्धि एक मजबूत संकेत मानी जा रही है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version