Sadhvi Ritambhara: लोकसभा और राज्यसभा दोनों से वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद, साध्वी ऋतंभरा ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि (Sadhvi Ritambhara) इससे मुस्लिम समुदाय के भीतर भी संतोष है। उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड में कुछ लोगों का व्यवहार उचित नहीं था, और विधेयक में बदलाव की मांग मुस्लिमों के भीतर से भी उठ रही थी।
“सीमाहीन अधिकार राष्ट्रहित में नहीं” – ऋतंभरा
साध्वी ऋतंभरा ने वक्फ बोर्ड को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि किसी भी संस्था को असीमित अधिकार देना राष्ट्रहित के विपरीत है। उन्होंने बताया कि संशोधन से पहले सभी पक्षों से विचार-विमर्श किया गया। विपक्ष के विरोध को उन्होंने राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश बताया और अपील की कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोचें।
विपक्ष पर निशाना, राष्ट्रहित की अपील
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा हिंदू या मुस्लिम का नहीं, बल्कि राष्ट्रहित का है। विपक्ष को चाहिए कि वह राजनीतिक लाभ के बजाय देश की एकता और न्याय व्यवस्था को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि विधेयक पास होने के बाद बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक सभी वर्गों में संतोष का माहौल है।
अब जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग
वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद साध्वी ऋतंभरा ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “जब तक देश में जनसंख्या नियंत्रण नहीं होगा, संसाधन चाहे जितने बढ़ा लें, वे कम पड़ते रहेंगे।”
जनसंख्या नियंत्रण की वकालत करते हुए ऋतंभरा ने कहा कि जब भी देश में जनसंख्या असंतुलन होता है, उसका सबसे बड़ा खामियाजा हिंदू समाज को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जो कुछ हुआ, वह जनसंख्या असंतुलन का ही नतीजा है।
“देशहित में हो विचार, जल्द आए कानून”
ऋतंभरा ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार चिंतन कर रही है, और उम्मीद जताई कि जल्द ही जनसंख्या नियंत्रण कानून देश में लाया जाएगा। उन्होंने इसे राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक कदम बताया।