RSS के बयान के बाद देश में जनसंख्या नीति को लेकर नई बहस और सियासी चर्चा तेज…

RSS Statement Today:

RSS Statement Today: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने एक बार फिर देश में न्यूनतम तीन संतान की आवश्यकता पर जोर दिया है. संघ का कहना है कि जनसंख्या नीति के तहत कम से कम तीन बच्चों का होना आवश्यक माना जाना चाहिए, खासकर हिंदू दंपतियों के लिए.

आरएसएस की प्रतिनिधि सभा की बैठक से लौटे जयपुर के क्षेत्र संघ चालक डॉ. रमेश अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संघ की प्रतिनिधि सभा में जनसंख्या नीति को लेकर पहले भी दो (RSS Statement Today)बार प्रस्ताव पारित किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या नीति में 2.1 की दर को बनाए रखने की बात कही जाती है, जिसका सीधा अर्थ है न्यूनतम तीन बच्चों का होना. संघ का मानना है कि समाज की संरचना और संतुलन के लिए न्यूनतम तीन संतान होना उचित है.|

बढ़ती जनसंख्या को कैसे व्यवस्थित

डॉ. अग्रवाल के अनुसार तीन बच्चों वाले परिवार में बच्चों के बीच परिपक्वता और आपसी संबंध बेहतर बनते हैं. इसके साथ ही समाज में पारिवारिक रिश्ते—जैसे भाई-बहन, बुआ, मौसी जैसे संबंध—भी बने रहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी तीन बच्चों का होना उचित माना जा सकता है.

बढ़ती जनसंख्या के कारण होने वाली परेशानियों के सवाल पर उन्होंने आगे कहा कि पूर्व राष्ट्रपति A. P. J. अब्दुल कलाम ने भी कहा था कि यह विषय केवल संख्या का नहीं है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि समाज और शासन यह सोचें कि बढ़ती जनसंख्या को कैसे व्यवस्थित और नियोजित किया जाए.

संघ का मानना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए देश में न्यूनतम तीन संतान की नीति पर गंभीरता से विचार होना चाहिए.

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version