Rajasthan Politics: अलवर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल के इस दावे कि राजस्थान में पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा खत्म होगी और प्रदेश के सभी दस नगर निगमों में भाजपा के बोर्ड बनेंगे, पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तीखा पलटवार किया है। (Rajasthan Politics)जूली ने भाजपा के दावे को जनता के बीच जाकर परखने की चुनौती देते हुए कहा कि चुनाव का फैसला नेताओं के दावों से नहीं, जनता के वोट से होगा।
‘जनता तवे की रोटी नहीं, लोकतंत्र की मालिक’
टीकाराम जूली ने भाजपा के ‘तवे की रोटी’ वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को यह समझना चाहिए कि जनता कोई रोटी नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की मालिक है। उन्होंने कहा कि सत्ता का रुख कौन तय करेगा, इसका फैसला चुनाव के दौरान जनता अपने मताधिकार से करेगी।
जूली ने कहा कि भाजपा को चुनावी दावों से पहले अपनी सरकार के कामकाज पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, बिजली-पानी और आम आदमी से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि जनता की समस्याएं भाषणों से दूर नहीं होतीं।
‘दसों नगर निगम में जीत का दावा जमीन पर परखें’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा प्रदेश प्रभारी जिस आत्मविश्वास के साथ सभी दस नगर निगमों में भाजपा के बोर्ड बनने का दावा कर रहे हैं, उसका असली परीक्षण जनता के बीच होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं जीते जाते, बल्कि मतदाता के वोट से जीत तय होती है।
जूली ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि पार्टी को अपने काम और लोकप्रियता पर इतना भरोसा है तो सरकार के कामकाज का हिसाब लेकर जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम पर चुनाव जीतने की उम्मीद करना पर्याप्त नहीं है।
‘जनता को खुले दरवाजे नहीं, समाधान चाहिए’
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ‘24 घंटे खुले दरवाजे’ के दावे पर भी जूली ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दरवाजे खुले होने का दावा अलग बात है और जनता की समस्याओं का समाधान होना अलग।
जूली ने दावा किया कि नगर निकाय चुनाव में जनता भाजपा के कथित अहंकार और खोखले दावों का जवाब अपने वोट से देगी। उनके बयान के बाद प्रदेश में आगामी निकाय चुनावों को लेकर भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासी मुकाबला और तेज होने के संकेत हैं।
