राजस्थान के अगले मुख्य सचिव पर सस्पेंस! 31 अगस्त के बाद किस IAS को मिलेगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी?

Rajasthan Chief Secretary

Rajasthan Chief Secretary: जयपुर | (राजेश  सिंघल )राजस्थान की राजनीति में इन दोनों सबसे बड़ी चर्चा किसी मंत्री या संगठनात्मक बदलाव की नहीं, बल्की राज्य की सबसे अहम प्रशासनिक कुर्सी मुख्य सचिव को लेकर है।  31 अगस्त को वर्तमान मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास का कार्यकाल समाप्त  हो रहा है।इसके साथ ही सत्ता और सचिवालय के गलियारों में यह सवाल तेजी से गूंज रहा है कि (Rajasthan Chief Secretary)क्या सरकार उनके अनुभव का एक बार फिर भरोसा जाता है या फिर नए चेहरे के साथ प्रशासन को नई दिशा देने का फैसला करेगी।

दिल्ली की अटकलें थमी , अब निगाहें जयपुर पर

कुछ समय पहले तक माना जा रहा था कि वी. श्रीनिवास का अगला पड़ाव दिल्ली होगा। केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) के पद के लिए उनका नाम प्रमुख दावेदारों की में चर्चा था। हालांकि विश्वसनीय प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अंतिम चयन प्रक्रिया से पहले ही उन्होंने इस पद के प्रति अपनी अनिच्छा जता दी। इसके बाद दिल्ली जाने की चर्चाएं  लगभग समाप्त हो गई है और अब पूरा ध्यान इस बात पर है कि राज्य सरकार उन्हें सेवा विस्तार देती है, या नया मुख्य सचिव को नियुक्ती मिलती ।

 दो वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सबसे आगे

यदि सरकार सेवा विस्तार का निर्णय नहीं लेती है, तो प्रशासनिक हलकों में सबसे अधिक चर्चा वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों  में अभय कुमार और अखिल अरोड़ा के नाम की है। हालांकि मुख्य सचिव का चयन केवल वरिष्ठता के आधार पर ही नहीं होता।  मुख्यमंत्री की कार्यशैली, सरकार की प्राथमिकता, केंद्र के साथ संबंध में स्थापित करने की क्षमता और परिणाम देने का  रिकॉर्ड भी इस नियुक्ति में अहम भूमिका निभाते हैं।

अगले दो वर्ष होंगे निर्णायक

भजनलाल सरकार के सामने आने वाले दो वर्षों में निवेश बढ़ाना, फ्लैगशिप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ,वित्तीय अनुशासन बनाए रखना, प्रशासनिक सुधारो को गति देना और आगमी  विधानसभा चुनाव की तैयारी जैसी कई बड़ी चुनौतिया हैं। ऐसे में सरकार ऐसे अधिकारी को चुना चाहेगी जो केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने में सक्षम हो।

जानिए किसका पलड़  भारी?

सचिवालय में चल रही चर्चाओं के अनुसार अखिल अरोड़ा अखिल अरोड़ा की शांत कार्यशाली , वित्तीय मामलों पर मजबूत पकड़ और विभिन्न सरकारों के साथ काम करने का अनुभव उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है। वही अभय कुमार भी ईमानदार छवि,प्रशासनिक दक्षता और संतुलन निर्णय क्षमता के कारण सम्मानित अधिकारी माने जाते हैं। दूसरी ओर, वी श्रीनिवास को सेवा विस्तार मिलने की  संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता है।

अगस्त के अंतिम सप्ताह पर टिकी निगाहें

फिलहाल अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के स्तर पर होना है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में स्पष्ट होगा कि सरकार अनुभव को प्राथमिकता देते हुए वी. श्रीनिवास को एक और मौका देती है। अभय कुमार पर भरोसा जताती है,या फिर अखिल अरोड़ा को राजस्थान की शीर्ष नौकरशाही की कमान  सौंपती है।

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