राजस्थान का मुख्यमंत्री कैसा हो? टोंक में गूंजे नारे, पायलट ने सरकार और चुनाव आयोग को घेरा

Rajasthan Politics

Rajasthan Politics: टोंक। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट बुधवार को अपने एक दिवसीय टोंक दौरे पर पूरी तरह आक्रामक मूड में नजर आए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जोशीले नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान “राजस्थान का मुख्यमंत्री कैसा हो, सचिन पायलट जैसा हो” के नारे भी गूंजते रहे।

पायलट ने टोंक में SIR की फाइनल मतदाता सूची के ( Rajasthan Politics) प्रकाशन से पहले आ रही समस्याओं को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने 2018-19 की भर्ती परीक्षाओं में सामने आए OMR शीट फर्जीवाड़े और SOG के खुलासों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए।

“सरकार सिर्फ टाइम पास कर रही है”

मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन सरकार अपनी ही अवधि के दौरान सामने आ रही शिकायतों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रही।

पायलट ने कहा, “ऐसा लगता है कि सरकार सिर्फ टाइम पास कर रही है। मीडिया में रोज़ सरकार की नाक के नीचे घोटालों की खबरें आ रही हैं, लेकिन उन पर भी कोई गंभीर जांच नहीं हो रही।”

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछली सरकार के कामों की जांच होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा सरकार के दौरान हो रहे खुलासों से आंखें नहीं मूंदी जा सकतीं।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले पर सरकार को घेरा

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के सवाल पर पायलट ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी के साथ जो व्यवहार किया गया, वह बेहद आपत्तिजनक है।

पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार इसलिए चुप है क्योंकि शंकराचार्य बीजेपी की राजनीतिक लाइन को फॉलो नहीं करते। इसी वजह से उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।

SIR विवाद पर केंद्र और चुनाव आयोग पर सवाल

SIR को लेकर पायलट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले राजनीतिक दुर्भावना के तहत लोगों के नाम काटे जा रहे हैं।

पायलट ने आरोप लगाया कि फार्म नंबर 7 का दुरुपयोग कर वैध मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की प्रशासनिक मनमानी का पुरजोर विरोध करेगी।

मनरेगा का नाम बदलने पर भी विरोध

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के मुद्दे पर भी पायलट ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह फैसला गलत है और पूरी कांग्रेस पार्टी देशभर में इसका विरोध कर रही है।

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए पायलट ने कहा कि मौजूदा सरकार आम जनता नहीं, बल्कि पूंजीपतियों के इशारों पर चल रही है।

टोंक दौरे के जरिए सचिन पायलट ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति और ज्यादा तीखी होने वाली है।

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