मुफ्त इलाज’ का दावा, ₹354 की दवा का मैसेज….भजनलाल सरकार की हेल्थ स्कीम पर उठे सवाल

Bhajanlal government

Bhajanlal government : भजनलाल सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किए जा रहे बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत अक्सर अलग तस्वीर पेश करती है। सरकारी अस्पतालों में चल रही मुख्यमंत्री निशुल्क दवा एवं जांच योजना को सरकार गरीबों के लिए वरदान बताती है। (Bhajanlal government )लेकिन जब मरीजों को कुछ सौ रुपये की दवा या जांच मिलने के बाद उसे बड़ी उपलब्धि की तरह प्रचारित किया जाता है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह वास्तव में स्वास्थ्य सुरक्षा है या सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी?

मोबाइल संदेश से बनाई जा रही सफलता की कहानी

सरकारी अस्पतालों में इलाज के बाद मरीजों के मोबाइल पर संदेश भेजा जाता है, जिसमें बताया जाता है कि उन्होंने कितनी राशि की मुफ्त दवा या जांच का लाभ लिया। ऐसे संदेश सरकार के लिए उपलब्धि का प्रमाण बन जाते हैं। हालांकि, कई मामलों में यह राशि बेहद कम होती है, जिससे योजना के वास्तविक प्रभाव पर चर्चा शुरू हो जाती है।

मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ती हैं दवाइयाँ

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि कई बार अस्पतालों में सभी जरूरी दवाइयाँ उपलब्ध नहीं होतीं। ऐसे में मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयाँ खरीदनी पड़ती हैं, जिससे इलाज का खर्च बढ़ जाता है। इस स्थिति में योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा जब अस्पतालों में सभी जरूरी दवाइयाँ और जांच पूरी तरह उपलब्ध हों। यदि मरीज को सीमित लाभ ही मिलता है, तो योजना के बड़े दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

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