मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके, ऐतिहासिक किले-महल और प्राकृतिक सुंदरता दुनिया भर में मशहूर हैं। यह नीति राज्य को फिल्म हब (Rajasthan Film Policy)बनाएगी जिससे युवाओं को नौकरियां और स्किल ट्रेनिंग के मौके मिलेंगे। साथ ही फिल्मों के जरिए राजस्थान की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन भी बढ़ेगा।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि फिल्म निर्माताओं के लिए सिर्फ सब्सिडी ही नहीं बल्कि प्रशासनिक कामों को आसान बनाया जाएगा। इससे नीति का पालन सरल होगा और फिल्ममेकर बिना झंझट के काम कर सकेंगे।
व्यय पर भारी सब्सिडी, 30 प्रतिशत तक राहत
नीति में फीचर फिल्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री पर खर्च का 30 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। अधिकतम सीमा:
– फीचर फिल्म: 3 करोड़ रुपये
– वेब सीरीज: 2 करोड़ रुपये
– टीवी सीरियल: 1.5 करोड़ रुपये
– डॉक्यूमेंट्री: 2 करोड़ रुपये
फीचर फिल्म पर कम से कम 2 करोड़ और बाकी पर 1 करोड़ रुपये राजस्थान में खर्च करना अनिवार्य है।
स्क्रीन टाइम और शूटिंग पर अतिरिक्त फायदे
यदि फिल्म में राजस्थान के लोकेशन्स को 5-15% स्क्रीन टाइम मिला तो 10% सब्सिडी, 16-30% पर 20%, और 30% से अधिक पर 30% सब्सिडी दी जाएगी। यदि फिल्म के 50% शूटिंग दिन राजस्थान में हुए तो 30% सब्सिडी। पूरी फिल्म राजस्थान में शूट हुई तो 5% अतिरिक्त सब्सिडी। सरकारी और केंद्र नियंत्रित जगहों पर शूटिंग फीस के 5 दिनों तक 100% रिफंड होंगे। अंतरराष्ट्रीय अवार्ड वाली फिल्मों को 1 करोड़ और राष्ट्रीय अवार्ड वाली फिल्मों को 50 लाख रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। राजस्थान के छात्रों को FTII, SRFTI और NSD में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी। हर साल 10 छात्रों को 50 हजार रुपये तक ट्यूशन फीस और 5 हजार रुपये महीना स्टाइपेंड दिया जाएगा।
डायरेक्टरी और ऑनलाइन पोर्टल
पर्यटन विभाग शूटिंग जगहों की पूरी लिस्ट वाली डायरेक्टरी बनाएगा। एक ऑनलाइन पोर्टल भी आएगा जहां निर्माता, कलाकार, तकनीशियन और अन्य प्रोफेशनल्स की जानकारी मिलेगी। यह फिल्ममेकर के लिए वन-स्टॉप शॉप होगा।
रिलीज और क्रेडिट के नियम
फिल्मों को थिएटर में रिलीज के लिए:
– हिंदी फिल्मों: कम से कम 200 स्क्रीन
– राजस्थानी: 25 स्क्रीन
– अन्य भाषाओं: 100 स्क्रीन
सब्सिडी वाली फिल्मों में राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को क्रेडिट देना अनिवार्य है।
