राजस्थान में राजनीतिक नियुक्तियों पर बड़ा अपडेट! कब खत्म होगा इंतजार, जानिए अंदर की खबर

Rajasthan Politics

Rajasthan Politics: राज्य में भाजपा सरकार बनने के सवा दो साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद राजनीतिक नियुक्तियाें की बाट जोह रहे पार्टी के बड़े नेताओं व प्रमुख कार्यकर्ताओं का इंतजार और बढ़ सकता है। पंचायत-निकाय चुनावों में लग रहे समय को देखते हुए सत्ता और संगठन ने बड़े स्तर पर राजनीतिक नियुक्तियां भी इन चुनावों तक टालने का निर्णय किया है। दो-चार राजनीतिक नियुक्तियों को छोड़कर अब इस पर (Rajasthan Politics)कवायद पंचायत-निकाय चुनावों के आसपास होगी। आलाकमान ही तय करेगा कि बड़े स्तर पर होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों को चुनाव से पहले करना है या बाद में।

मोटे अनुमान के अनुसार 12 हजार से ज्यादा नेता-कार्यकर्ताओं को सरकार में विभिन्न जगहों पर एडजस्ट किया जा सकता है। 110 से ज्यादा बोर्ड-निगमों-आयोग-यूआइटी अध्यक्षों की नियुक्तियां भी होनी हैं। इन नियुक्तियों में उन बड़े नेताओं को एडजस्ट किया जाना है, जिनको सरकार मंत्री स्तर का दर्जा देगी।

प्रदेश में अब तक मात्र 9 बोर्ड-आयोगों में ही राजनीतिक नियुक्तियां हो सकी हैं। लोकायुक्त का पद भी रिक्त चल रहा है। आखिरी नियुक्ति राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी के रूप में हुई थी।

इनमें ही हो सकी है नियुक्ति

राज्य सरकार ने देवनारायण बोर्ड, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड, राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति वित्त विकास आयोग, माटी कला बोर्ड, किसान आयोग, राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड, धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण, सैनिक कल्याण बोर्ड और राज्य वित्त आयोग में ही अध्यक्ष की नियुक्ति हो सकी है।

बोर्ड-निगमों में नियुक्तियां…

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शेष बोर्ड-निगमों में नियुक्तियां न केवल लंबित हैं, बल्कि इनकी संख्या काफी अधिक है। पार्टी के कार्यकर्ता इन पदों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि ये नियुक्तियां न केवल सम्मान का विषय हैं बल्कि संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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