RailOne train ticket: मोबाइल से जनरल टिकट लेना यात्रियों के लिए सुविधाजनक है,लेकिन टिकट जांच के दौरान स्क्रीनशॉट,फोटो या पीडीएफ दिखाने से काम नहीं चलेगा। रेलवन ऐप से बुक किया गया अनारक्षित टिकट उसी मोबाइल में ऐप खोलकर लाइव दिखाना होगा,जिससे टिकट बुक किया गया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के सीनियर (RailOne train ticket)डीसीएम हितेश यादव ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे ट्रेन में सवार होने से पहले ही रेलवन ऐप से टिकट बुक करें। ट्रेन में चढ़ने के बाद या जांच शुरू होने पर टिकट बनाने की कोशिश परेशानी में डाल सकती है।
उन्होंने बताया कि कई बार यात्री ट्रेन में चढ़ने के बाद बाहर मौजूद परिचित से रेलवन ऐप पर टिकट बनवाकर उसका स्क्रीनशॉट मोबाइल पर मंगवा लेते हैं और जांच के दौरान टीटीई को दिखाते हैं। ऐसा स्क्रीनशॉट या फॉरवर्ड की गई टिकट की कॉपी वैध यात्रा प्राधिकार नहीं मानी जाएगी। टिकट यात्री के अपने मोबाइल में रेलवन ऐप पर लाइव उपलब्ध होना चाहिए।
रेल यात्रा के दौरान टिकट दिखाने के लिए मोबाइल का चालू रहना जरूरी है। इसलिए सफर से पहले मोबाइल पर्याप्त चार्ज रखें और टिकट बुक करने के बाद एक बार ऐप खोलकर यह भी सुनिश्चित कर लें कि टिकट आसानी से दिखाई दे रहा है। मोबाइल बंद या डिस्चार्ज होने की स्थिति में लाइव टिकट दिखाना संभव नहीं होगा।
फोटो आईडी भी रखें साथ
रेलवन ऐप पर जनरल टिकट बुक करते समय इस्तेमाल किया गया मूल फोटो पहचान पत्र भी यात्री को साथ रखना चाहिए। टिकट जांच के दौरान टिकट के साथ पहचान पत्र मांगा जा सकता है।
बिना टिकट यात्रा पर न्यूनतम 500 रुपए जुर्माना
बिना टिकट या गलत/अमान्य टिकट के साथ यात्रा करना अब महंगा पड़ सकता है। जून 2026 से ऐसे मामलों में न्यूनतम 500 रुपए जुर्माना लागू है। इसके अलावा नियमानुसार किराया भी लिया जाएगा।
यह व्यवस्था मुख्य रूप से रेलवन से बुक किए जाने वाले जनरल यानी अनारक्षित डिजिटल टिकट पर लागू है। आरक्षित ई-टिकट के नियम अलग हैं।
यात्रियों के लिए सीधी सलाह
ट्रेन में चढ़ने से पहले टिकट लें, ₹रेलवन ऐप में लाइव टिकट रखें, स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें,मोबाइल चार्ज रखें और टिकट के साथ मूल फोटो आईडी जरूर रखें।
