हिंद महासागर की शांति पर भारत-मॉरीशस की साझा रणनीति, मोदी-रामगुलाम बातचीत ने दिया संकेत

India Mauritius Relations

India Mauritius Relations: नई दिल्ली। भारत और मॉरीशस के रिश्तों को एक बार फिर मजबूती मिली है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बातचीत कर द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। (India Mauritius Relations)यह बातचीत केवल औपचारिक नहीं, बल्कि आपसी भरोसे और साझे विज़न का संदेश लेकर आई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बातचीत को यादगार बताते हुए कहा कि उन्हें अपने मित्र डॉ. रामगुलाम से बात कर बेहद खुशी हुई। दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष वाराणसी में हुई मुलाकात के बाद भारत-मॉरीशस सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत और मॉरीशस के बीच सहयोग अब केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन-केंद्रित और ऐतिहासिक रिश्तों की मजबूती का प्रतीक बन चुका है।

भारत में ‘AI Impact’ सम्मेलन का न्योता

इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. रामगुलाम को अगले सप्ताह भारत में आयोजित होने वाले ‘एआई इम्पैक्ट सम्मेलन’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मोदी ने कहा कि वे भारत में उनका स्वागत करने को लेकर उत्सुक हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन तकनीक, नवाचार और डिजिटल सहयोग के नए रास्ते खोलेगा, जिसमें भारत और मॉरीशस की साझेदारी अहम भूमिका निभा सकती है।

हिंद महासागर में शांति….

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और मॉरीशस हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के साझा लक्ष्यों के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल रणनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों से जुड़े भावनात्मक संबंधों पर आधारित हैं, जो आने वाले समय में और मजबूत होंगे।

कूटनीति में भरोसे की ताकत

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक राजनीति का अहम केंद्र बन चुका है। ऐसे में भारत और मॉरीशस की नजदीकी यह संकेत देती है कि दोनों देश क्षेत्रीय संतुलन और विकास के लिए साझा भूमिका निभाने को तैयार हैं। कुल मिलाकर, यह फोन कॉल केवल औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि भविष्य की साझेदारी का स्पष्ट संकेत है।

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