Indus Waters Treaty Row: भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराने सिंधु जल समझौते को लेकर जारी विवाद अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. पहले रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा युद्ध की धमकी दिए जाने के बाद अब पाकिस्तान के एक और केंद्रीय मंत्री ने बेहद भड़काऊ बयान दिया है. (Indus Waters Treaty Row)पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने भारत को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भी पाकिस्तान के हिस्से का पानी छीनने की कोशिश करेगा, इस्लामाबाद ‘उसके हाथ काट देगा.’
सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुसादिक मलिक ने भारत पर पानी की सप्लाई को नियंत्रित करने का आरोप लगाया. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, मलिक ने कहा, “एक नल है जिसे पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री नियंत्रित कर रहे हैं. वह कहते हैं कि वह पाकिस्तान में पानी की एक बूंद भी नहीं जाने देंगे, लेकिन हम हमारे पानी के अधिकार पर दावा करने वालों के हाथ काट देंगे.”
अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पानी
इस दौरान पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार भी मौजूद थे. तरार ने दावा किया कि सिंधु जल समझौता एक कानूनी रूप से बाध्यकारी संधि है और भारत इसे अकेले रद्द या संशोधित नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पानी का अधिकार है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पहले ही कह चुके हैं कि ‘पानी हमारी लाइफलाइन भी है और रेड लाइन भी.’ पाकिस्तान इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को इस्लामाबाद में एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार भी आयोजित कर रहा है, जिसमें विदेशी प्रतिनिधियों को बुलाया गया है.
भारत के कड़े रुख से घबराया पाकिस्तान
असल में, भारत ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आत्मघाती आतंकवादी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया था. भारत का साफ कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार से होने वाले आतंकवाद पर कोई ठोस और भरोसेमंद कार्रवाई नहीं करता, तब तक यह समझौता ठंडे बस्ते में ही रहेगा. भारत के इस सख्त फैसले और नदियों पर अपनी परियोजनाओं को तेज करने के कदम से पाकिस्तान पूरी तरह बौखलाया हुआ है.
