Operation Trinetra: जयपुर/प्रतापगढ़। मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित काली कमाई पर राजस्थान पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। प्रतापगढ़ जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पुलिस ने कुख्यात ड्रग तस्कर शोयब मंसूरी की करीब 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां फ्रीज कर दी हैं। (Operation Trinetra)कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ(1) के तहत की गई है।
एमडीएमए बरामदगी से खुला तस्करी नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई की शुरुआत अक्टूबर 2024 में हुई थी। उस दौरान चित्तौड़गढ़ जिले में नाकाबंदी के दौरान एक कार से 3 किलो 420 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स बरामद की गई थी। मामले की जांच में सामने आया कि जब्त की गई ड्रग्स का मुख्य सप्लायर प्रतापगढ़ का निवासी शोयब मंसूरी था।
तकनीकी निगरानी और लंबे प्रयासों के बाद पुलिस ने 25 अप्रैल 2026 को फरार चल रहे शोयब मंसूरी को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की वित्तीय जांच शुरू की। जांच में पता चला कि उसने अफीम, डोडाचूरा, एमडीएमए और ब्राउन शुगर की तस्करी से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की थी।आरोपी ने अपनी मां शेरबानो के नाम पर गांव असावता में लगभग 1.5 करोड़ रुपये का आलीशान मकान बनवाया था। इसके अलावा मां और पत्नी नाजमीन के नाम पर खरीदी गई कृषि भूमि की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।
संपत्तियों पर लगे सरकारी बोर्ड
नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी (SAFEMA) द्वारा फ्रीजिंग आदेश जारी होने के बाद पुलिस ने मकान और कृषि भूमि पर सरकारी बोर्ड चस्पा कर दिए हैं। अब इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
पुलिस के अनुसार शोयब मंसूरी एक आदतन और शातिर तस्कर है। उसके खिलाफ विभिन्न जिलों और केंद्रीय एजेंसियों में एनडीपीएस एक्ट के छह गंभीर मामलेदर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स माफिया के खिलाफ आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
