Middle East tension: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने युद्धविराम के बाद अपना पहला बड़ा बयान देते हुए अमेरिका और इजराइल को कड़ी चेतावनी दी है। (Middle East tension)उन्होंने साफ कहा कि ईरान पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, हालांकि देश युद्ध नहीं चाहता लेकिन अपने अधिकारों से पीछे भी नहीं हटेगा।
हम उन हमलावरों को नहीं छोड़ेंगे
मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरान एक बड़ी ताकत बनने की दहलीज पर खड़ा है और इस संघर्ष में उसने निर्णायक जीत हासिल की है। उन्होंने कहा, “हम उन हमलावरों को नहीं छोड़ेंगे जिन्होंने हमारे देश पर हमला किया। हर नुकसान का हिसाब लिया जाएगा और शहीदों के खून की कीमत चुकानी होगी।” साथ ही उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रबंधन को लेकर “नए फेज” में जाने का भी संकेत दिया। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार को दो हफ्तों का सशर्त युद्धविराम लागू हुआ है। इसी के तहत दोनों देशों के बीच मतभेद सुलझाने के लिए इस्लामाबाद में 10 अप्रैल को उच्च-स्तरीय वार्ता प्रस्तावित है।
हमारी उंगलियां ट्रिगर पर ही रहेंगी
इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लेबनान पर इजरायल के हमले युद्धविराम का उल्लंघन हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे कदम धोखे का संकेत हैं। हमारी उंगलियां ट्रिगर पर ही रहेंगी और हम अपने लेबनानी भाइयों को अकेला नहीं छोड़ेंगे।” यह बयान लेबनान में इजरायली हमलों के बाद आया, जिसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत और 1000 से अधिक के घायल होने की खबर है।
इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा
पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर के बीच बैठक में शांति प्रयासों की समीक्षा की गई। पाकिस्तान ने आश्वासन दिया है कि आने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
