आंखों पर पट्टी, हथकड़ी में मादुरो? न्यूयॉर्क से वीडियो सामने, अमेरिका ने नहीं की पुष्टि

International Politics

International Politics: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनीखेज दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के हवाले से कहा जा रहा है कि अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को काराकास स्थित फोर्ट टियुना सैन्य परिसर से हिरासत में लेकर अमेरिका पहुंचाया है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन या पेंटागन की ओर से (International Politics)अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

दावों के मुताबिक, मादुरो को लेकर एक अमेरिकी विमान न्यूयॉर्क के स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतरा, जहां से उन्हें मैनहट्टन ले जाकर DEA कार्यालय में रखा गया। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को विमान से उतारते हुए दिखाया जा रहा है, जिसके हाथ पीछे बंधे और आंखों पर पट्टी लगी बताई जा रही है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

न्यूयॉर्क में केस चलने का दावा

रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि मादुरो के खिलाफ न्यूयॉर्क की अदालत में नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा। अमेरिका लंबे समय से मादुरो पर कोकीन तस्करी और कथित कार्टेल दे लॉस सोल्स से जुड़े होने के आरोप लगाता रहा है। हालांकि, इन दावों पर भी आधिकारिक बयान का इंतजार है।

काराकास में धमाकों के दावों से जुड़ा घटनाक्रम

इसी घटनाक्रम से जोड़ते हुए कुछ सूत्रों का दावा है कि 3 जनवरी 2026 को काराकास और आसपास के इलाकों में सीमित समय में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। कहा जा रहा है कि यह एक सैन्य कार्रवाई का हिस्सा था। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

ट्रंप प्रशासन के बयानों को लेकर अटकलें

कुछ पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो की एक तस्वीर जारी की है और वेनेजुएला में नई सरकार बनने तक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था की बात कही है। इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

घेराबंदी और सरेंडर की बात—क्या है सच्चाई?

रिपोर्ट्स में विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हवाले से कैरेबियन में घेराबंदी और सरेंडर के विकल्प देने की बात कही जा रही है। लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से इस संबंध में कोई लिखित या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

फिलहाल, यह पूरा मामला दावों और अपुष्ट रिपोर्ट्स पर आधारित है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े घटनाक्रम पर आधिकारिक पुष्टि के बिना निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। स्थिति पर दुनिया भर की नजरें टिकी हैं और आने वाले घंटों में तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version