Babulal Katara: राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्राध्यापक कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक मामले में विशेष अभियान समूह की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में आयोग के पूर्व सदस्य (Babulal Katara) को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 16 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अदालत ने जांच अधिकारी को यह भी निर्देश दिए कि आरोपी को आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध करवाई जाए।
विशेष अभियान समूह ने बाबूलाल कटारा को 10 मई को प्रोडक्शन वारंट के तहत चौथी बार गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच अभी बाकी है और आरोपियों से लगातार पूछताछ की आवश्यकता है।
बाबूलाल कटारा और उनके भांजे विजय डामोर को अदालत में पेश किया गया था। इस दौरान विशेष अभियान समूह ने अदालत से पांच दिन की रिमांड की मांग करते हुए कहा कि कटारा को डूंगरपुर ले जाकर पूछताछ करनी है। जांच एजेंसी का मानना है कि मामले से जुड़े कुछ अहम सुराग और नेटवर्क संबंधी जानकारी क्षेत्रीय स्तर पर जांच के दौरान सामने आ सकती है।
वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि बाबूलाल कटारा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं और उनका उपचार चल रहा है। बचाव पक्ष ने आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए राहत देने की मांग की।
विशेष अभियान समूह अब पेपर लीक मामले में आयोग से जुड़े अधिकारियों, अभ्यर्थियों और अन्य संदिग्धों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रहा है। जांच एजेंसी दस्तावेजों, मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्क सूत्रों और आर्थिक लेन-देन सहित विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
