Rajasthan Politics: जयपुर |राजस्थान की राजनीति में सोमवार को उस समय नया सियासी तूफान खड़ा हो गया, जब कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और उनके समधी रमेशचंद पूनिया पर गंभीर आरोप लगाए। (Rajasthan Politics)पत्र में फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाने, आरएएस भर्ती में अनुचित लाभ लेने और चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे आरोपों की जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
किरोड़ी लाल मीणा ने अपने पत्र में दावा किया कि आरएएस-2016 भर्ती परीक्षा में डोटासरा के पुत्र अविनाश के चयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई अभ्यर्थियों की तुलना में अविनाश को साक्षात्कार में असामान्य रूप से अधिक अंक दिए गए, जिससे उनका चयन संभव हो सका।
गरिमा जिंदल का उदाहरण दिया
मंत्री ने पत्र में अभ्यर्थी गरिमा जिंदल का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्य परीक्षा में 425 अंक हासिल करने के बावजूद उन्हें इंटरव्यू में केवल 25 अंक दिए गए। दूसरी ओर, अविनाश को 85 अंक मिलने से चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं के अधिकार प्रभावित होते हैं।
फर्जी OBC प्रमाण पत्र का आरोप
किरोड़ी ने आरोप लगाया कि रमेशचंद पूनिया और उनके परिवार ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ओबीसी आरक्षण का लाभ प्राप्त किया। उन्होंने दावा किया कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसी आधार पर सरकारी सेवाओं में लाभ मिला। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ पूर्व अधिकारियों और आयोग से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
किरोड़ी लाल मीणा ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न है। मामले के सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, आरोपों पर अभी तक गोविंद सिंह डोटासरा या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
