के कविता का बड़ा फैसला! परिवार से अलग होकर बनाई नई पार्टी, वजह चौंकाएगी

Telangana Politics

Telangana Politics: तेलंगाना की राजनीति में  बड़ा भूचाल देखने को मिला है। कभी भारत राष्ट्र समिति (BRS) का मजबूत चेहरा रहीं के कविता ने हैदराबाद में नई पार्टी TRS-तेलंगाना राष्ट्र सेना लॉन्च कर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि परिवार और अपनी पुरानी पार्टी से जुड़ी नेता ने अलग रास्ता चुन लिया? क्या यह सिर्फ राजनीतिक महत्वाकांक्षा है, (Telangana Politics)पारिवारिक मतभेद हैं या तेलंगाना की सत्ता में नए समीकरण बनाने की रणनीति? आइए समझते हैं इस बड़े राजनीतिक फैसले के पीछे की पूरी कहानी।

कविता का कहना था कि

परिवार में दरार तब खुलकर सामने आई जब के कविता और BRS नेतृत्व के बीच मतभेद सार्वजनिक हो गए। कविता, जो पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी हैं, लंबे समय तक पार्टी का प्रमुख चेहरा रहीं। लेकिन 2025 में उन्होंने अपने भाई के टी रामा राव और चचेरे भाई टी हरीश राव पर गंभीर आरोप लगाए। कविता का कहना था कि कुछ नेता KCR की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं और पार्टी के भीतर गलत राजनीति चल रही है। विवाद बढ़ने के बाद KCR ने उन्हें एंटी-पार्टी गतिविधियों के आरोप में सस्पेंड कर दिया।

BRS से अलग नई चाल

पार्टी से बाहर होने के बाद के कविता लगातार सक्रिय रहीं और ‘सोशल तेलंगाना’ के मुद्दे पर जनता से संवाद करती रहीं। माना जा रहा है कि नई पार्टी बनाकर वह सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय पहचान और नई राजनीति का एजेंडा आगे बढ़ाना चाहती हैं। इसे उनके राजनीतिक भविष्य को फिर से मजबूत करने की रणनीति भी माना जा रहा है। बचपन से उन्होंने अपने पिता KCR को राजनीति में उभरते देखा, इसलिए खुद भी पहचान बनाना चाहती थीं। 2004 में अमेरिका से लौटने के बाद उनकी सक्रिय महत्वाकांक्षा बढ़ी, लेकिन मौके दूसरों को मिलने से असंतोष भी गहराता गया।

कैसा रहा राजनीतिक सफर ?

2014 में के कविता ने निजामाबाद से जीत दर्ज कर पहली बार लोकसभा पहुंचकर बड़ा राजनीतिक मुकाम हासिल किया। लेकिन बाद में शराब नीति घोटाले में नाम आने से उनका करियर झटका खा गया और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। छह महीने बाद कोर्ट से राहत मिली। 2019 में निजामाबाद सीट हारने के बाद मुश्किलें बढ़ती गईं। 2023 विधानसभा चुनाव में BRS की हार और 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी का खाता न खुलना बड़ा झटका रहा। इसी दौरान लीक लेटर विवाद में उन्होंने KTR, हरीश राव समेत नेताओं की आलोचना की, जिसके बाद उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया।

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