ACB Rajasthan: जोधपुर। वर्ष 2016 में जोधपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की खरीद में कथित अनियमितताओं के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है।(ACB Rajasthan) एसीबी की ओर से दर्ज प्रकरण में 61.24 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया है। मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
नि:शुल्क दवा योजना
एफआईआर के अनुसार, यह मामला वर्ष 2016 में राज्य सरकार की नि:शुल्क दवा योजना के तहत हुई खरीद प्रक्रिया से जुड़ा है। आरोप है कि दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की खरीद के दौरान निर्धारित निविदा नियमों का पालन नहीं किया गया और कुछ फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितताएं बरती गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में निविदा प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही खरीद आदेश जारी किए गए तथा भुगतान भी नियमों के विपरीत किया गया।
एसीबी ने इस मामले में गिरधारी सिंह उदावत, सुभोद सक्सेना (मैसर्स हर्ष डिस्ट्रीब्यूटर्स), जय कुमार शर्मा (मैकोन फार्मा), कमलेश बोहरा (सीमा मेडिकल) और गौतमकांत लाढा (ललित फार्मा) को नामजद आरोपी बनाया है। आरोप है कि रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और दस्तावेजों के फर्जी उपयोग के जरिए सरकार को 61,24,671 रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद एसीबी ने नियमित एफआईआर दर्ज की है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 13(1)(d) और 13(2) तथा भारतीय दंड संहिता की धाराओं 467, 468, 471, 477-ए और 120-बी के तहत दर्ज किया गया है।
अब एसीबी खरीद आदेश, निविदा प्रक्रिया, भुगतान रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच करेगी। जांच के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी जांच के दायरे में शामिल किया जा सकता है।
