Rajasthan Cyber Crime: जयपुर। राजस्थान पुलिस के साइबर क्राइम विंग ने 12.09 करोड़ रुपये की ऑनलाइन निवेश ठगी के बहुचर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को मुंबई से गिरफ्तार किया है।(Rajasthan Cyber Crime) पुलिस के अनुसार, आरोपी की कथित भूमिका फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए इस्तेमाल किए गए वर्चुअल मर्चेंट खातों के संचालन से जुड़ी है। मामले में मुख्य आरोपी जयंता रॉय सहित अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 9 दिसंबर 2025 को जयपुर के स्टेट साइबर क्राइम थाने में दर्ज शिकायत में पीड़ित ने बताया था कि उसे व्हाट्सएप के माध्यम से गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर www.kdeonegold.net नामक वेबसाइट पर निवेश कराया गया। आरोप है कि विभिन्न बैंक और वर्चुअल खातों में 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपये जमा करवाने के बाद न तो निवेश की गई राशि लौटाई गई और न ही निकासी की अनुमति दी गई।
जांच में सामने आया कि शुरुआत में निवेशकों को वर्चुअल वॉलेट में काल्पनिक मुनाफा दिखाकर विश्वास में लिया जाता था। बाद में आयकर, प्रोसेसिंग फीस, अकाउंट अनफ्रीज शुल्क और अन्य शुल्कों के नाम पर लगातार अतिरिक्त रकम जमा करवाई जाती थी।
साइबर नेटवर्क से जुड़े
साइबर क्राइम टीम की तकनीकी और वित्तीय जांच में कथित तौर पर पता चला कि ठगी में इस्तेमाल वर्चुअल मर्चेंट खाते एक कंपनी के माध्यम से संचालित किए जा रहे थे। जांच के दौरान केवाईसी, ड्यू डिलिजेंस, रिस्क मॉनिटरिंग और फ्रॉड डिटेक्शन प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अब धन के प्रवाह (मनी ट्रेल), फरार आरोपियों की भूमिका और साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अधिक मुनाफे का लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहने और किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
