विभाजन की वो दर्दनाक कहानी फिर मंच पर आई! जयपुर में ‘और देश बंट गया’ नाटिका ने छू लिया दिल

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Jaipur News: जयपुर। भारत विभाजन की त्रासदी और उसके सामाजिक प्रभावों को याद करते हुए अखिल भारतीय साहित्य परिषद्, जयपुर की ओर से ‘भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। पाथेय भवन स्थित श्री नारद सभागार में आयोजित समारोह में ऐतिहासिक कृति ‘और देश बंट गया’ पर आधारित नाटिका का मंचन किया गया। (Jaipur News)इसके साथ ही विभाजन की पृष्ठभूमि और उसके प्रभावों पर संगोष्ठी हुई, जिसमें लेखक, शिक्षाविद् और पत्रकार सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी शामिल हुए।

विभाजन की त्रासदी पर हुआ विचार-मंथन

परिषद् के प्रदेश संयुक्त महामंत्री डॉ. ओम प्रकाश भार्गव ने बताया कि आगामी लोकमंथन समारोह की कड़ी में यह आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता जयपुर प्रांत प्रचारक बाबूलाल ने अखंड भारत की परिकल्पना से अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि 1947 का विभाजन इतिहास की बड़ी त्रासदी थी, लेकिन सामाजिक और वैचारिक स्तर पर विभाजन की स्थितियों को आज भी समझने की जरूरत है।

उन्होंने विभाजन के दौरान हुए विस्थापन और हिंसा का उल्लेख करते हुए इतिहास को विभिन्न दृष्टिकोणों से देखने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने वर्तमान पीढ़ी को भारतीय जीवन-मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने की बात कही।

‘और देश बंट गया’ ने भावुक किया सभागार

कार्यक्रम में दिल्ली के अदिति महाविद्यालय की छात्राओं ने ‘और देश बंट गया’ नाटिका प्रस्तुत की। मंचन में विभाजन के दौरान आम लोगों की पीड़ा, विस्थापन और सामाजिक उथल-पुथल को नाटकीय रूप में प्रस्तुत किया गया। मार्मिक दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया और प्रस्तुति को खूब सराहना मिली।

साहित्य में राष्ट्रीय चेतना पर जोर

परिषद् के प्रदेश महामंत्री विष्णु शर्मा हरिहर ने अपने बीज वक्तव्य में कहा कि अखिल भारतीय साहित्य परिषद् स्थापना से ही साहित्य में नए प्रयोगों को प्रोत्साहित करती रही है। उन्होंने लोक साहित्य, युवा साहित्य और बाल साहित्य प्रकोष्ठों के माध्यम से साहित्य सृजन एवं संरक्षण की गतिविधियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. विपिनचंद्र, मूलचंद आर्य, श्याम सिंह, प्रो. नंद किशोर पाण्डेय, डॉ. इंदु शेखर तत्पुरुष, प्रो. अल्पना कटेजा और डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। स्वागताध्यक्ष राधा गोविंद करोल ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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