ईरान का सख्त रुख, राष्ट्रपति बोले…धमकियों से नहीं झुकेंगे, अमेरिका-इजरायल को दिया जवाब

Iran Israel War

Iran Israel War: अमेरिका और इजरायल के सैन्य अभियानों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि उनका देश धौंसपटाई और आक्रामकता के आगे आसानी से नहीं झुकेगा. रॉयटर्स द्वारा सोमवार को साझा वीडियो में तेहरान से बोलते हुए उन्होंने बाहरी ताकतों (अमेरिका और इजरायल) पर आरोप लगाया कि वे तेहरान (Iran Israel War) और अरब देशों के बीच फूट डालना चाहते हैं. फिर भी ईरान पड़ोसियों के साथ सहयोग बनाए रखेगा.

पेजेश्कियन ने कहा, ‘दुश्मन हम और इस्लामी देशों को आपस में लड़ाना चाहता है. वे हममें विभाजन पैदा करना चाहते हैं.’ उन्होंने जोर दिया कि दिवंगत नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की नीति पड़ोसी राष्ट्रों को भाई मानने की रही है. उन्होंने गाजा में 50-60 हजार मौतों का जिक्र कर अमेरिका-इजरायल की निंदा करते हुए कहा, ‘अगर कोई देश हमारी धरती पर हमला करता है तो जवाब देना हमारा कर्तव्य है, लेकिन इसका मतलब उस देश से दुश्मनी नहीं.’

हमारा वीर राष्ट्र इन धमकियों से पीछे नहीं

राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘हमारा ईरान धौंसपटाई, जुल्म और आक्रमण के आगे आसानी से नहीं झुकेगा. हमारा वीर राष्ट्र इन धमकियों से पीछे नहीं हटेगा.’ ये बयान पश्चिम एशिया में तनाव के बीच आए हैं. गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ नेता मारे गए. ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अरब देशों के अमेरिकी ठिकानों और इजरायली संपत्तियों पर हमले किए. इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह और ईरान समर्थित गुटों को निशाना बनाया.

राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘हमारा ईरान धौंसपटाई, जुल्म और आक्रमण के आगे आसानी से नहीं झुकेगा. हमारा वीर राष्ट्र इन धमकियों से पीछे नहीं हटेगा.’ ये बयान पश्चिम एशिया में तनाव के बीच आए हैं. गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ नेता मारे गए. ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अरब देशों के अमेरिकी ठिकानों और इजरायली संपत्तियों पर हमले किए.

इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह और ईरान समर्थित गुटों को निशाना बनाया. रविवार को विशेषज्ञ परिषद ने खामेनेई के 56 वर्षीय पुत्र मोज्तबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया. 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद वे तीसरे नेता हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अस्वीकार्य बताया, जबकि इजरायल ने किसी भी उत्तराधिकारी को निशाना बनाने की चेतावनी दी. ईरान ने 40 दिनों का शोक घोषित किया है.

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