US Iran Conflict: ईरान और अमेरिका-इजराइल की जंग के 21 दिन पूरे हो गए हैं। वहीं आज 22वें दिन ईरान ने अमेरिका के मिलिट्री बेस पर बड़ा हमला किया। ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस ‘डिएगो गार्सिया’ पर लंबी दूरी की 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। एक मिसाइल (US Iran Conflict)उड़ान के दौरान फेल हो गई, वहीं दूसरी मिसाइल को अमेरिकी युद्धपोत के SM-3 इंटरसेप्टर से दागी गई मिसाइल ने आसमान में ही उड़ा दिया।
अमेरिका और ब्रिटेन के जॉइंट मिलिट्री बेस….
ईरान ने अमेरिकी सैन्य बेस पर आज शनिवार को हमला किया। हिंद महासागर में ब्रिटेन और अमेरिका का डिएगो गार्सिया मिलिट्री बेस है। ब्रिटेन के द्वारा अमेरिका को ईरान पर हमले करने के लिए अपने मिलिट्री बेस दे दिए गए हैं। ब्रिटेन के इस फैसले के बाद ही ईरान ने अमेरिका और ब्रिटेन के जॉइंट मिलिट्री बेस पर हमला किया। वहीं मिडिल ईस्ट की सीमा से बाहर ईरान ने पहली बार और अब तक का सबसे बड़ा हमला किसी अमेरिकी ठिकाने पर किया है।
अमेरिकी-ब्रिटिश बेस को कोई नुकसान….
बता दें कि ईरान ने डिएगो गार्सिया को टारगेट करके 2 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें तो दागीं, लेकिन वे टारगेट तक पहुंचने से पहले ही नाकाम हो गईं। एक मिसाइल उड़ते ही गिर गई और दूसरी मिसाइल का इंटरसेप्शन पूरी तरह सफल रहा। वहीं अमेरिकी-ब्रिटिश बेस को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचा। गौरतलब है कि ब्रिटेन की सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और ईरान पर हमले करने के लिए अमेरिका को अपने मिलिट्री बेस इस्तेमाल के लिए दे दिए हैं।
अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी
बता दें कि मध्य पूर्व के बाद अब होर्मुज स्ट्रेट में महायुद्ध छिड़ा हुआ है। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का संकल्प लिया है और इसके लिए वह कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। हालातों को देखते हुए अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। 3 अतिरिक्त युद्धपोत और करीब 2500 मरीन भेज दिए हैं, जिसके बाद मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या लगभग 50,000 हो गई है। ऐसे में जंग के अभी खत्म होने के आसार नहीं हैं।
