Iran Israel Conflict: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग भीषण रूप लेती जा रही है। बीते दिन इजरायल-अमेरिका ने ईरान के नतांज परमाणु ठिकाने पर हमला किया। इससे ईरान बौखला गया और बीती रात इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। ईरान के इजरायल के डिमोना और अराद परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों इलाकों में हुए हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। (Iran Israel Conflict)हालांकि न्यूक्लियर रेडिएशन नहीं हुआ है, लेकिन लोगों की जान को खतरा पैदा हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के बेहद करीब है। दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। ईरान ने न केवल इजरायल और सऊदी अरब पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं, बल्कि हिंद महासागर में स्थित रणनीतिक अमेरिकी बेस डिएगो गार्सिया को भी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के नतांज (Natanz) परमाणु केंद्र पर की गई बमबारी के जवाब में ईरान ने इजरायल के परमाणु शहर डिमोना शहर पर भीषण मिसाइल हमला किया है।
भारत से अपील की कि वह अमेरिका-इजरायल
‘लिटिल इंडिया’ कहे जाने वाले इस शहर में दर्जनों लोग घायल हुए हैं। वहीं सऊदी अरब ने ईरानी राजनयिक और उनकी टीम के तीन सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। खाड़ी देशों पर बढ़ते ईरानी हमलों के बीच यह एक बड़ा कड़ा कदम माना जा रहा है। ईरानी राष्ट्रपति पजेशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। उन्होंने ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता का हवाला देते हुए भारत से अपील की कि वह अमेरिका-इजरायल के हमलों को रुकवाने में अपनी “स्वतंत्र भूमिका” निभाए.
देश की राष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा (ईएमएस) मैगन डेविड एडोम (एमडीए) ने दी। यह घटना ऐसे समय हुई जब ईरान ने कहा कि वह नतान्ज़ में स्थित अपने परमाणु संवर्धन केंद्र पर पहले हुए हमले के प्रतिशोध में इजरायल के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बना रहा है । दिमोना में परमाणु अनुसंधान केंद्र 1958 में खोला गया था
इज़राइल के पास परमाणु हथियार….
हालांकि यह व्यापक रूप से माना जाता है कि इज़राइल के पास परमाणु हथियार हैं, लेकिन उसके नेता इस अटकल की न तो पुष्टि करते हैं और न ही खंडन करते हैं। दक्षिणी इज़राइल के रेगिस्तानी शहर पर यह हमला ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा यह कहे जाने के कुछ घंटों बाद हुआ कि अमेरिकी-इज़राइली बलों ने शनिवार सुबह शाहिद अहमदी-रोशन नतान्ज़ संवर्धन परिसर पर हमला किया था। किसी भी प्रकार के रेडियोधर्मी रिसाव का पता नहीं चला और आसपास के निवासियों को कोई खतरा नहीं था।
अमेरिका ने ईरान के दक्षिण-पश्चिमी खूजेस्तान प्रांत में IRGC के महत्वपूर्ण मिसाइल ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए. खूजेस्तान प्रांत ईरान का प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र है. साथ ही IRGC के रणनीतिक मिसाइल अड्डों का केंद्र भी है. Pentagon के अनुसार, हमलों में 12 से अधिक भूमिगत मिसाइल साइलो और लॉन्च पैड नष्ट हो गए,
जिनमें फतेह-110 और शाहब-3 जैसी बैलिस्टिक मिसाइलें तैनात थीं जो Gulf Countries को निशाने पर लेने के लिए position की गयीं थीं. हमलों में F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स और टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया. माना जा रहा है कि ये हमला तेल कीमतें में उछाल ला सकता है क्योंकि बड़ी मात्रा में खूजेस्तान से ईरान के तेल का निर्यात होता है.
