एक तरफ होर्मुज में जहाजों पर शिकंजा, दूसरी तरफ इजरायल पर बड़े हमले की खबर… मिडिल ईस्ट में आखिर क्या होने वाला है?

Hormuz Strait: तेहरान/तेल अवीव। पश्चिम एशिया में तनाव की एक और परत सामने आती दिख रही है। एक तरफ फारस की खाड़ी में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान के नए ऐलान ने समुद्री आवाजाही और तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, तो दूसरी तरफ इजरायल पर संभावित बड़े हमले को लेकर इजरायली(Hormuz Strait) मीडिया की रिपोर्ट ने सुरक्षा माहौल को और गंभीर बना दिया है। इसी बीच लेबनान और गाजा में जारी इजरायली सैन्य कार्रवाई और अमेरिकी पक्ष से सामने आई नाराजगी ने पूरे क्षेत्र की स्थिति को और जटिल बना दिया है।

होर्मुज को लेकर ईरान का नया ऐलान

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि होर्मुज स्ट्रेट के बाहर एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जा सकता है। बताया गया है कि यह क्षेत्र अमेरिकी नौसेना की कथित नाकेबंदी वाली लाइन से शुरू होकर फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक हो सकता है।

दावे के मुताबिक, इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले जहाजों को ईरान की प्रतिबंध सूची में शामिल किया जा सकता है। इस कदम से खाड़ी में जहाजों की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर नई चिंता पैदा हो सकती है।

ट्रंप के ‘होर्मुज खुला’ दावे को ईरान ने नकारा

मोहसिन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट के खुले होने के दावे को कथित तौर पर गलत बताया है। वहीं, रिपोर्टों में एनालिटिक्स फर्म केपलर के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सितंबर की शुरुआत में होर्मुज से गुजरने वाले कमोडिटी जहाजों की संख्या घटकर 10 रह गई।

इसी दौरान खाड़ी देशों से तेल निर्यात सामान्य स्तर के मुकाबले करीब 47 प्रतिशत तक पहुंचने का दावा किया गया है। ट्रंप ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ईरान के नक्शे से जुड़ी एक तस्वीर पोस्ट की, जिससे दोनों देशों के बीच बयानबाजी और चर्चा तेज हुई।

लेबनान और गाजा में जारी सैन्य कार्रवाई

तनाव सिर्फ समुद्री क्षेत्र तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के कफर रूमाने शहर में हवाई हमला किया, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई। गाजा में भी इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी है और दक्षिणी गाजा के कुछ हिस्सों को खाली करने के आदेश की खबरें सामने आई हैं।

इजरायल की कार्रवाई को लेकर अमेरिकी पक्ष से भी असहमति के संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने गाजा की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इजरायल में होने वाले नेसेट चुनाव के कारण प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार का रवैया कुछ हद तक तर्कहीन हो गया है।

इजरायल पर 7 अक्टूबर जैसे हमले की तैयारी का दावा

इसी बीच इजरायली मीडिया ने खुफिया रिपोर्टों के हवाले से एक और गंभीर दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और उसके समर्थित हिजबुल्ला, हमास, हूती और इराकी मिलिशिया समूह इजरायल के खिलाफ 7 अक्टूबर 2023 जैसे बहु-मोर्चीय हमले की संभावित तैयारी कर रहे हैं।

दावे में कहा गया है कि ईरान अपने ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ नेटवर्क के जरिए इन संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि इस कथित योजना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ईरान की ओर से भी फिलहाल इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऐसे में होर्मुज की समुद्री गतिविधियों से लेकर इजरायल की सुरक्षा तक, पश्चिम एशिया में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। आने वाले दिनों में यह तनाव किस दिशा में जाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version