तकनीक, ताकत और टाइमिंग….अग्नि-3 टेस्ट ने दुश्मनों की नींद उड़ा दी पूरी तरह

Agni-3 Missile Test

Agni-3 Missile Test: भारत ने अपनी रणनीतिक शक्ति का दमदार प्रदर्शन करते हुए मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 का सफल परीक्षण किया है। ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से हुए इस परीक्षण ने यह साफ कर दिया है कि भारत न केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को लेकर सतर्क है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

मिसाइल का यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की निगरानी में किया गया। लॉन्च से लेकर लक्ष्य तक पहुंचने के दौरान सभी तकनीकी और ऑपरेशनल पैरामीटर तय(Agni-3 Missile Test) मानकों पर खरे उतरे। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, परीक्षण के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत सामने नहीं आई, जिससे अग्नि-3 की विश्वसनीयता और मजबूत हुई है।

करीब 1.5 टन हथियार ले जाने में सक्षम

अग्नि-3 का आकार और क्षमता इसे खास बनाती है। करीब 17 मीटर लंबी और 2 मीटर व्यास वाली यह मिसाइल लगभग 50 टन वजनी है। इसकी रफ्तार इतनी अधिक है कि यह एक सेकेंड में करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है। यह मिसाइल अपने साथ लगभग 1.5 टन तक का हथियार ले जाने में सक्षम है, जो इसे बेहद घातक बनाता है।

दो-चरणीय सॉलिड फ्यूल सिस्टम से मिलती है सटीकता

अग्नि-3 में 2-स्टेज सॉलिड फ्यूल इंजन का इस्तेमाल किया गया है। पहले चरण के समाप्त होते ही दूसरा चरण सक्रिय हो जाता है, जिससे मिसाइल संतुलन बनाए रखते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ती है। यही तकनीक इसे लंबी दूरी तक सटीक वार करने में सक्षम बनाती है।

दोस्त देशों की नजर, निर्यात को लेकर बढ़ी दिलचस्पी

सूत्रों के अनुसार, अग्नि-3 की क्षमता को देखते हुए कुछ मित्र देशों ने भारत से संपर्क साधा है। बताया जा रहा है कि ये देश इस मिसाइल के निर्यात की संभावनाओं को लेकर रुचि दिखा रहे हैं, हालांकि इस पर आधिकारिक स्तर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है।

ब्रह्मोस के साथ मिलकर बनाती है मजबूत सुरक्षा ढाल

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अग्नि मिसाइल श्रृंखला और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की जोड़ी भारत को अभूतपूर्व सामरिक मजबूती देती है। जहां ब्रह्मोस 30 से 300 किलोमीटर तक के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है, वहीं अग्नि मिसाइलें 300 से 5,000 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं। यह संयोजन भारत को किसी भी संभावित खतरे का प्रभावी और त्वरित जवाब देने की ताकत देता है।

अग्नि-3 का यह सफल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा हालात तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में यह परीक्षण भारत के मजबूत इरादों और आत्मनिर्भर रक्षा नीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version