Cold Day: नई दिल्ली। देश इस वक्त मौसम के ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां एक तरफ लोग ठंड से कांप रहे हैं तो दूसरी तरफ बारिश और कोहरे ने रफ्तार थाम दी है। कहीं सुबह घर से निकलना जोखिम बन गया है तो कहीं सड़कें और आसमान दोनों ही नजर नहीं आ रहे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जनवरी 2026 के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसने उत्तर से लेकर दक्षिण तक आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
IMD के मुताबिक, उत्तर और पूर्वी भारत के 29 शहर शीतलहर की चपेट में हैं, जबकि दक्षिण भारत के चार राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़, मैदान और समुद्र—तीनों जगह मौसम का मिजाज एक साथ बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है।
सुबह का सफर बना चुनौती, कोहरे ने निगल ली सड़कें
उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में अगले पांच से सात दिनों तक सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की पूरी संभावना है। इसका असर सीधे आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी हों या स्कूल जाने वाले बच्चे, हर किसी को देरी और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट
देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है। शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफदरजंग और पालम जैसे इलाकों में विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम रहने से उड़ानें और ट्रेनें प्रभावित हुईं।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए दिल्ली में येलो अलर्ट जारी किया है। सड़कों पर अलाव जलाते लोग, बस स्टॉप पर ठिठुरते यात्री और देर से पहुंचते ऑफिस कर्मचारी—ठंड की मार हर जगह दिख रही है।
पंजाब-हरियाणा में जीरो विजिबिलिटी
पंजाब के अमृतसर और हरियाणा के अंबाला व हिसार में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। सुबह के समय विजिबिलिटी शून्य से 25 मीटर के बीच रिकॉर्ड की गई। कई जगह हालात रेड अलर्ट जैसे हो गए हैं।
घने कोहरे के चलते हाईवे पर सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने वाहन चालकों को फॉग लाइट के अनिवार्य इस्तेमाल और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी है।
कोल्ड डे जैसे हालात
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी समेत करीब 30 जिलों में शीतलहर का प्रकोप जारी है। पश्चिमी यूपी में बर्फीली हवाओं के कारण दिन का तापमान भी सामान्य से 5–6 डिग्री नीचे बना हुआ है।
कई इलाकों में ‘कोल्ड डे’ जैसे हालात बन गए हैं। खेतों में काम करने वाले मजदूर और खुले में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
हिमाचल में पाले से फिसलन
हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और लाहौल-स्पीति में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऊंचाई वाले इलाकों में पाला गिरने से सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं।
प्रशासन ने सैलानियों और स्थानीय लोगों को रात के समय यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है। कई जगह होटल बुकिंग तो है, लेकिन बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है।
मौसम की मार कब तक?
IMD का कहना है कि फिलहाल ठंड, कोहरा और बारिश से राहत मिलने की उम्मीद कम है। अगले कुछ दिन लोगों को सावधानी और सतर्कता के साथ ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। स्पष्ट है कि मौसम का यह दौर सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि आम जिंदगी की जद्दोजहद की कहानी भी बन चुका है।
