राज्यपाल का बड़ा बयान, कभी दुनिया भर के विद्यार्थी भारत पढ़ने आते थे, जानिए क्यों

Governor interaction with students

Governor interaction with students: जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को लोकभवन में आईआईआईटी धारवाड़, कर्नाटक के विद्यार्थियों ने मुलाकात की। “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के अंतर्गत राज्यपाल ने इन विद्यार्थियों का अभिनन्दन करते हुए उनसे संवाद किया।

राज्यपाल ने कहा कि भारत की सीमाएं प्राचीन काल में आज से बहुत अधिक विस्तृत थीं। उन्होंने कहा कि आज का अफ़ग़ानिस्तान, गांधार और कंबोज, पाकिस्तान, बांग्लादेश, और म्यांमार भारत के ही विशाल साम्राज्य का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक 19 विश्वविद्यालय भारत में थे। (Governor interaction with students) सुदूर देशों से लोग भारत में पढ़ने आते थे। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत के लोगों की बौद्धिक क्षमता बहुत अधिक थी। बप्पा रावल के नाम से ही रावल पिंडी स्थान का नामकरण हुआ। उन्होंने कहा कि भारत संस्कृति और परंपराओं में आरम्भ से ही श्रेष्ठ रहा है। इसे फिर से श्रेष्ठ बनाने की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति की चर्चा

राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें प्राचीन गौरव की अनुभूति कराते युवाओं को सभी क्षेत्र में अग्रणी करने पर जोर है। उन्होंने राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र की वीरांगना कालीबाई के बारे में भी कर्नाटक के विद्यार्थियों को विस्तार से बताया और कहा कि स्वाधीनता संग्राम में कालीबाई की महती भूमिका रही। उन्होंने कहा कि भारत श्रेष्ठ रहा है, इसका इतिहास प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों को पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के युवा प्रतिभाशाली बने, इसी उद्देश्य से “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के साथ विकसित भारत का संकल्प संजोया गया है।

इससे पहले राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संवाद में राजस्थान के भूगोल, संस्कृति के बारे में बताते हुए सरदार सरोवर से नर्मदा जल को राजस्थान में लाए जाने, राजस्थान के ऐतिहासिक चितौड़गढ़ दुर्ग, विश्व की सबसे बड़ी पक्की नगर गंग नहर के इतिहास के बारे में रोचक ढंग से जानकारियां दी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी भी उपस्थित रहे

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