टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: मुंबई पुलिस के हाथ लगे सुराग, होटल के कमरे में हुई थी फायरिंग की प्रैक्टिस

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच तेज। अंधेरी होटल में प्रैक्टिस, अमृतसर से हथियारों की सप्लाई और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिंक पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट

टाइगर पर हमले के बाद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने एक्टर के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी।
टाइगर पर हमले के बाद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने एक्टर के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी।

Mumbai : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने हथियारों को लेकर कई तरह के ट्रायल किए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने मुंबई के पास एक गुप्त स्थान पर गोली चलाने की प्रैक्टिस की थी, वहीं अंधेरी के एक होटल के कमरे में भी हथियार चेक करने के दौरान गलती से बेड पर गोली चल गई थी।

पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार खासतौर पर अमृतसर से मंगाए गए थे। तस्कर इन हथियारों को ट्रेन के रास्ते मुंबई तक लेकर पहुंचे और फिर स्थानीय शूटर्स को सौंपे गए। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों में हरियाणा के 7, उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं और बिहार का एक युवक शामिल है।

पुलिस के अनुसार, दिल्ली पुलिस और मुंबई क्राइम ब्रांच के समन्वय से यह बात सामने आई कि कुणाल और सुमित नाम के युवक अमृतसर से पिस्टल और करीब 20 कारतूस लेकर आए थे। इसके बाद हथियारों की इस खेप को मुंबई पहुंचाने के लिए एक अलग ही साजिश रची गई।

जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी कुणाल ने अपनी परिचित राधा और एक अन्य महिला बबीता के जरिए हथियारों का यह बैग मुंबई भिजवाया। दोनों महिलाएं ट्रेन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना हुईं और दादर पहुंचकर एक होटल में रुकीं। हथियार किसी अन्य शख्स को सौंपने के बाद वे वापस दिल्ली लौट गईं।

हालांकि, गिरफ्तार की गई दोनों महिलाओं के परिजनों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। परिजनों का दावा है कि उनकी बेटियां पूरी तरह निर्दोष हैं और वे सिर्फ घूमने तथा धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए मुंबई गई थीं। परिवारों का कहना है कि वे कानूनी प्रक्रिया के जरिए न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

मुंबई पुलिस ने अदालत में दी गई दलीलों में स्पष्ट किया है कि इस पूरी साजिश के पीछे विदेश में बैठकर गैंग ऑपरेट कर रहे लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े गुर्गे अनिल पंडित का हाथ है। हरियाणा के पानीपत का रहने वाला अनिल पंडित वर्तमान में अमेरिका में बताया जा रहा है। उसी के इशारे पर एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए शूटरों और हथियार तस्करों के बीच संपर्क साधा गया था।

18 अक्टूबर की शाम जुहू इलाके में एक फुटबॉल क्लब के पास से जब टाइगर श्रॉफ की कार गुजर रही थी, तभी बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस घटना में अभिनेता बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति को चोटें आईं। घायल व्लॉगर की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है।

वहीं, इस मामले में राजस्थान के कोटा से दबोचे गए तीन मुख्य शूटरों (रेहान, फूल सिंह और ऋतिक) को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया जा चुका है, जहां अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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