Dungarpur News: डूंगरपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की डूंगरपुर इकाई ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दोवड़ा थाने के हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार और कॉन्स्टेबल प्रकाश चन्द्र पटेल को 1,50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिसकर्मियों ने एक युवक को ऑनलाइन ठगी के झूठे मामले में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर यह रकम मांगी थी। एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 18 जनवरी को जब (Dungarpur News)वह नयागांव में खडा था, तब पुलिस की गाड़ी में आए कॉन्स्टेबल प्रकाश चन्द्र ने उससे पूछताछ की। पुलिसकर्मी ने परिवादी का मोबाइल छीन लिया और आरोप लगाया कि वह ‘लोकेन्टो’ (Lokento) गेम खेलकर लोगों के साथ ठगी करता है।
केस दबाने के लिए मांगे 2 लाख रुपये
कॉन्स्टेबल ने डराते हुए कहा कि “सीआई साहब भी पाटीदार हैं, मैं उनसे बात करके तेरा मुकदमा दर्ज नहीं होने दूंगा, वरना महीनों जमानत नहीं होगी और जिंदगी खराब हो जाएगी।” आरोपी ने मोबाइल वापस करने और कार्रवाई न करने के बदले 2 लाख रुपये की मांग की। परिवादी के भाई ने जब कॉन्स्टेबल से बात की, तो उसने फोन पर बात करने से मना कर दिया और थाने आकर मिलने का दबाव बनाया।
एसीबी का जाल और गिरफ्तारी
परेशान होकर परिवादी ने एसीबी डूंगरपुर का दरवाजा खटखटाया। 28 जनवरी को शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसमें आरोपी कॉन्स्टेबल प्रकाश चन्द्र पटेल और हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार 1,50,000 रुपये लेने पर सहमत हुए।
एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उन्हें दबोच लिया। उनके पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज
एसीबी के महानिरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनके आवास और अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली जा सकती है। ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और यह भी जांच की जा रही है कि इस भ्रष्टाचार में थाने के अन्य अधिकारियों की संलिप्तता तो नहीं है।
