World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर साबित कर दिया है कि वे अपनी नीतियों के आगे किसी भी बाधा को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके टैरिफ प्लान को असंवैधानिक करार दिए जाने के ठीक 24 घंटे बाद ट्रंप ने अदालत के फैसले को दरकिनार करते हुए वैश्विक स्तर पर (World News)आयात शुल्क (टैरिफ) को 10% से बढ़ाकर सीधे 15% करने का बड़ा ऐलान कर दिया है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया था। जानकारों का मानना था कि इससे वैश्विक व्यापार में राहत मिलेगी, लेकिन शनिवार को ट्रंप के एक ट्रुथ सोशल पोस्ट ने दुनिया भर के बाजारों में खलबली मचा दी। राष्ट्रपति ने दो टूक शब्दों में कहा कि कई देश दशकों से अमेरिका का अनुचित लाभ उठा रहे हैं और अब इसे और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या होगा इसका वैश्विक असर?
15% का यह फ्लैट टैरिफ न केवल चीन या यूरोपीय संघ, बल्कि भारत जैसे रणनीतिक सहयोगियों के लिए भी बड़ी चुनौती पेश करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस फैसले से अमेरिका में आयातित सामान महंगा होने से आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ेगा। बदले में अन्य देश भी अमेरिकी उत्पादों पर भारी टैक्स लगा सकते हैं। यह कदम अमेरिका के भीतर एक संवैधानिक संकट खड़ा कर सकता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर न्यायपालिका की अवमानना जैसा प्रतीत होता है।
अमेरिका को फिर महान बनाने की जिद
ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह तो बस शुरुआत है। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि आने वाले महीनों में वे और भी कई नए टैक्स लागू करेंगे, जिन्हें वे पूरी तरह कानूनी साबित करने की तैयारी में हैं। उनका विजन स्पष्ट है कि अमेरिका की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और व्यापार घाटे को खत्म करना, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी संस्था से टकराना पड़े।
आगामी राजनीतिक टकराव
अगले हफ्ते होने वाले स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में ट्रंप और सुप्रीम कोर्ट के जज आमने-सामने होंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कह दिया है कि वह जजों को मुश्किल से ही आमंत्रित करेंगे। यह भाषण अब केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर, न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच सीधा युद्धक्षेत्र बन सकता है।
