‘लैम डक’ या वैश्विक ताकत? मिडटर्म चुनाव के बाद भी बरकरार ट्रंप का दबदबा

अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स के नियंत्रण के बाद डोनाल्ड ट्रंप को 'लैम डक' कहे जाने पर बहस छिड़ गई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि वैश्विक मंच और कार्यकारी शक्तियों के मामले में उनका दबदबा अब भी पूरी तरह कायम है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सूट और नीली टाई पहने हुए हैं, जबकि उनके चारों ओर समर्थक अमेरिकी झंडे लहरा रहे हैं।
अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के नतीजों और 'लैम डक' की चर्चाओं के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों के बीच अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं।

WASHINGTON : अमेरिकी राजनीति में हालिया मिडटर्म चुनावों के नतीजों के बाद एक बार फिर बहस तेज हो गई है। प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर डेमोक्रेट्स का कब्जा होने के बाद विरोधियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘लैम डक’ कहना शुरू कर दिया है। हालांकि, समर्थकों का मानना है कि संसद के नतीजों से व्हाइट हाउस के अधिकार खत्म नहीं होते।

चुनाव नतीजों के तुरंत बाद विदेश मंत्री मार्को रुबियो के पद छोड़ने की अफवाहें उड़ीं, जिसे व्हाइट हाउस और स्वयं रुबियो ने खारिज करते हुए कार्यकाल पूरा करने का इरादा दोहराया। वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की 2028 के लिए स्वतंत्र छवि बनाने की कोशिशों को विशेषज्ञ बगावत के बजाय सामान्य राजनीतिक महत्वाकांक्षा मान रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, सैन्य कार्रवाई, कूटनीति और प्रतिबंधों से जुड़े फैसलों में राष्ट्रपति की ताकत अप्रभावित रहती है। तेहरान से लेकर बीजिंग तक के देशों को अब भी दो साल तक ऐसे राष्ट्रपति से निपटना होगा, जिसे संसद की मंजूरी के बिना भी बड़े फैसले लेने का अधिकार है।

हालांकि, आलोचकों का मानना है कि बंटी हुई सरकार और ईरान के मोर्चे पर चुनौतियां ट्रंप के प्रभाव को सीमित कर सकती हैं। फिर भी, ट्रंप का वैश्विक पटल पर नियंत्रण फिलहाल मजबूती से कायम है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version