स्थानीय पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि(Jaipur News) हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बस स्टैंड क्षेत्र पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सड़क सुधार और ट्रैफिक सुगमता के लिए पत्थर हटाए गए
दरअसल, क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था सुधार को लेकर काम चल रहा था। इससे एक दिन पहले ही पुलिस-प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी। बैठक में सहमति बनने के बाद मस्जिद के पास लगभग 45 वर्षों से सड़क किनारे पड़े पत्थरों को हटाने का निर्णय लिया गया ताकि यातायात सुचारू हो सके और आमजन को जाम से राहत मिले।
जब पत्थर हटाकर वहां रेलिंग लगाने का काम शुरू हुआ, तो लोग विरोध में उतर आए। रात 3 बजे देखते ही देखते मामला उग्र हो गया और बस स्टैंड क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस पर पथराव किया गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और अतिरिक्त जाब्ता बुलाया।
अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई
चौमूं एसएचओ प्रदीप शर्मा ने पहले ही स्पष्ट किया था कि केवल सड़क पर पड़े पत्थरों को ही आपसी सहमति से हटाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और पथराव में शामिल लोगों की पहचान कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
