Jaipur News: जयपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़, बापू नगर (जयपुर) द्वारा डी-82ए, कृष्णा मार्ग, सिवाड़ एरिया में त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव एवं ईश्वरीय निमंत्रण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर राजयोग ध्यान और ईश्वरीय स्मृति के माध्यम से आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुरली एवं राजयोग ध्यान से हुई। मुख्य वक्ता राजयोगिनी बी.के. सुषमा दीदी (जयपुर सब-जोन प्रभारी एवं कोर मैनेजमेंट कमिटी सदस्य, माउंट आबू) ने कहा कि महाशिवरात्रि आत्मा के अज्ञान से ज्ञान की ओर जागरण का प्रतीक है। परमात्मा शिव का स्मरण मनुष्य के (Jaipur News)भीतर छिपी शक्तियों को जागृत कर जीवन में प्रेम, करुणा और संतुलन स्थापित करता है।
राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष जसबीर सिंह ने कहा कि यदि जीवन को ज्ञान से जोड़ दिया जाए तो ईश्वर की प्राप्ति सहज हो जाती है। उन्होंने सूफी संत बुल्ले शाह के कथन “बुलेया, रब दा की पौणा…” का उल्लेख करते हुए आत्मिक परिवर्तन का संदेश दिया।
ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ आचार्य घनश्याम ने ‘ओम शांति’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ओम को शास्त्रों में तत्व माना गया है और इसके उच्चारण से आत्मा में पवित्रता व स्थिरता का अनुभव होता है।
इस अवसर पर जयंती दीदी, पदमा दीदी, भावना दीदी सहित कई ब्रह्माकुमारी एवं ब्रह्मा कुमार भाई बहने उपस्थित रहे। आयोजकों ने कार्यक्रम को आत्म-परिवर्तन से समाज-परिवर्तन की दिशा में प्रेरक पहल बताया।
