BJP National President: नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित BJP को 45 साल बाद उसका अब तक का सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मिला है। बिहार के युवा नेता नितिन नबीन ने आज औपचारिक रूप से पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल लिया।
नामांकन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस बदलाव को और खास बना दिया। महज 45 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर ( BJP National President) नितिन नबीन ने BJP के इतिहास में नया रिकॉर्ड कायम किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड अमित शाह के नाम था, जिन्होंने 49 साल की उम्र में यह जिम्मेदारी संभाली थी।
युवा नेतृत्व पर BJP का बड़ा दांव
नितिन नबीन का अध्यक्ष बनना केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि BJP की रणनीतिक सोच का संकेत माना जा रहा है। पांच बार के विधायक, पूर्व मंत्री और हाल ही में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रहे नितिन नबीन संगठनात्मक अनुभव के साथ युवाओं की पसंद भी माने जाते हैं।
23 मई 1980 को जन्मे नितिन नबीन की नियुक्ति यह दर्शाती है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए BJP अब युवा नेतृत्व और तेज संगठनात्मक फैसलों पर फोकस कर रही है।
BJP राष्ट्रीय अध्यक्षों का अब तक का सफर
| राष्ट्रीय अध्यक्ष | कार्यकाल | पदभार के समय उम्र |
|---|---|---|
| अटल बिहारी वाजपेयी | 1980-1986 | 56 वर्ष |
| लाल कृष्ण आडवाणी | 1986-1990, 1993-1998, 2004-2005 | पहली बार 59 वर्ष |
| मुरली मनोहर जोशी | 1991-1993 | 57 वर्ष |
| कुशभाऊ ठाकरे | 1998-2000 | 75 वर्ष |
| बंगारू लक्ष्मण | 2000 | 61 वर्ष |
| के. जना कृष्णमूर्ति | 2001 | 72 वर्ष |
| एम. वेंकैया नायडू | 2002 | 52 वर्ष |
| राजनाथ सिंह | 2005, 2013 | 54 वर्ष |
| नितिन गडकरी | 2010 | 52 वर्ष |
| अमित शाह | 2014-2019 | 49 वर्ष |
| जगत प्रकाश नड्डा | 2020-2025 | 59 वर्ष |
| नितिन नबीन | 2025-वर्तमान | 45 वर्ष (सबसे युवा) |
अटल से नबीन तक: 12 अध्यक्ष, एक संगठन
BJP के 45 साल के इतिहास में अब तक 12 नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी के संस्थापक अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर लालकृष्ण आडवाणी, कुशाभाऊ ठाकरे, अमित शाह और जगत प्रकाश नड्डा तक हर अध्यक्ष ने संगठन को अपने दौर की चुनौतियों के मुताबिक दिशा दी।
अब नितिन नबीन के कंधों पर न केवल संगठन को मजबूत रखने की जिम्मेदारी है, बल्कि युवा मतदाताओं, डिजिटल राजनीति और आगामी चुनावों में पार्टी को नई धार देने की चुनौती भी है।
यह तय है कि BJP के लिए यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति की तैयारी का संकेत है।
