तारिक रहमान कब लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ? नई संसद और सरकार गठन पर पूरी अपडेट

Tarique Rahman

Tarique Rahman: बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। नई संसद के लिए चुने गए सांसदों के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है, जिसके बाद तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने का रास्ता साफ हो सकता है। राजनीतिक परंपरा को देखते हुए (Tarique Rahman)यह शपथ ग्रहण 16 या 17 फरवरी की शाम को हो सकता है, क्योंकि देश में आमतौर पर सरकार का शपथ समारोह शाम के समय आयोजित किया जाता है।

चुनावी नतीजों ने बदली सियासी तस्वीर

13वें संसदीय चुनाव में (BNP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 300 सदस्यीय संसद में से 299 सीटों पर हुए मतदान में करीब 210 सीटों पर जीत दर्ज की है। एक सीट पर उम्मीदवार के निधन के कारण मतदान टाल दिया गया था। इस परिणाम को देश की राजनीति में निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

यह चुनाव जुलाई 2024 के जनआंदोलन के बाद आयोजित हुआ, जिसके चलते पूर्व प्रधानमंत्री  का लंबा कार्यकाल समाप्त हुआ था।

मुख्य विपक्ष के रूप में इस्लामी गठबंधन

इस बार  के नेतृत्व वाले इस्लामी गठबंधन ने लगभग 70 सीटें जीतकर खुद को मुख्य विपक्ष के रूप में स्थापित किया है। इसके अलावा छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने करीब 17 सीटें हासिल की हैं।

चुनाव आयोग ने तीन सीटों के नतीजे फिलहाल रोक रखे हैं, क्योंकि संबंधित विजेता उम्मीदवारों के खिलाफ अदालत में मामले लंबित हैं।

निर्वासन से वापसी तक: तारिक रहमान का सफर

बीएनपी अध्यक्ष  25 दिसंबर 2025 को 17 साल के स्वैच्छिक निर्वासन के बाद लंदन से बांग्लादेश लौटे थे। उन्होंने एक से अधिक सीटों से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक वापसी को मजबूत आधार दिया है। अब उनके प्रधानमंत्री पद संभालने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

यह चुनाव अंतरिम सरकार की निगरानी में संपन्न हुआ, जिसका नेतृत्व नोबेल पुरस्कार विजेता कर रहे थे। लंबे राजनीतिक संकट के बाद आयोजित इस चुनाव को कई वर्षों में पहला वास्तविक प्रतिस्पर्धी चुनाव माना जा रहा है।

मतदान प्रतिशत लगभग 59% रहा, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई।

जनमत संग्रह और सुरक्षा प्रबंध

संसदीय चुनाव के साथ ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी कराया गया। शुरुआती संकेतों के अनुसार लगभग 65% मतदाताओं ने इसका समर्थन किया है, हालांकि अंतिम परिणाम अभी घोषित होना बाकी है।

मतदान के दौरान देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। करीब दस लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा।

पड़ोसी देशों की कूटनीतिक प्रतिक्रिया

भारत के प्रधानमंत्री  ने तारिक रहमान और बीएनपी को जीत की बधाई देते हुए लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।

वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री  ने भी बीएनपी और तारिक रहमान को शुभकामनाएं दीं और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई।

क्या बदलेगा बांग्लादेश का राजनीतिक समीकरण?

बीएनपी की यह जीत न सिर्फ सत्ता परिवर्तन का संकेत है, बल्कि बांग्लादेश की आंतरिक और क्षेत्रीय राजनीति पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। आने वाले दिनों में नई सरकार की नीतियां और कूटनीतिक रुख दक्षिण एशिया की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।

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