गुरुवार दोपहर अजमेर प्रशासन को एक अनवेरिफाइड धमकी भरा ईमेल मिला जिसमें दावा किया गया कि अजमेर दरगाह शरीफ और जिला कलेक्ट्रेट परिसर में कुल चार RDX IED लगाये गए हैं और पुतिन के आने पर विस्फोट होगा। इस संदिग्ध मेल के मिलने पर जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत सुरक्षा बढ़ा दी और दोनों स्थानों को अस्थायी रूप से खाली कराया।

 बम डिस्पोज़ल, डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर

सूचना के बाद बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad), डॉग स्क्वॉड़ और मेटल डिटेक्टर टीमों को मौके पर तैनात किया गया। दरगाह परिसर की हर गलियारी, दुकान, छत और आसपास के हिस्सों की लगभग ढाई घंटे तक बारीकी से तलाशी ली गई। कलेक्ट्रेट परिसर में भी कर्मचारियों को बाहर निकालकर करीब एक घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला।

कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली 

तलाशी अभियान के दौरान किसी भी स्थान पर कोई IED, विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि सर्च ऑपरेशन सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया गया है और दोनों स्थानों पर खतरा नहीं पाया गया।

पुलिस व खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटीं हैं कि यह धमकी किसी शरारती तत्व की हरकत है या किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा। स्थानीय साइबर टीम धमकी भरे ईमेल की टेक्निकल जांच कर रही है और मेल भेजने वाले की पहचान हेतु तकनीकी व डिजिटल फोरेंसिक प्रक्रिया चल रही है।

प्रशासन ने जनता से आग्रह किया

एएसपी दीपक कुमार शर्मा ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और संदिग्ध सूचनाओं के लिए पुलिस को सूचित करें। दरगाह में तीर्थयात्रियों और आम जनता की एंट्री बहाल कर दी गई है, जबकि कलेक्ट्रेट में भी सामान्य कामकाज पुनः शुरू हो चुका है।