ब्रह्मोस से जगुआर तक, जयपुर की परेड ने भारतीय सेना के शौर्य को नई पहचान दी आज दुनिया

Army Day 2026

Army Day 2026: जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर ने आज इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय अपने नाम दर्ज कर लिया। भारतीय सेना का 78वां सेना दिवस पहली बार दिल्ली और आर्मी कैंट से बाहर राजस्थान की राजधानी जयपुर में मनाया गया। जगतपुरा स्थित हरे कृष्णा मार्ग (महल रोड) पर आयोजित भव्य परेड ने जयपुर को सैन्य शौर्य, पराक्रम और अनुशासन का प्रतीक बना दिया।

जयपुर की सड़कों पर जब ब्रह्मोस मिसाइल और पिनाका रॉकेट लॉन्चर गुजरे, तो आम नागरिकों की आंखों में गर्व और उत्साह साफ दिखाई दिया। वहीं, आसमान में (Army Day 2026) भारतीय वायुसेना के अपाचे हेलिकॉप्टर और जगुआर फाइटर जेट्स ने दुश्मनों के होश उड़ाने वाले करतब दिखाए।

शहीदों को नमन से शुरू हुई परेड

परेड की शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों को सेना मेडल से सम्मानित करने के साथ हुई। इसके बाद गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित अधिकारियों ने परेड कमांडर को सलामी दी। यह क्षण भावुक करने के साथ-साथ देशभक्ति से ओतप्रोत रहा।

परेड के दौरान टैंक, अत्याधुनिक तोपें, मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और रोबोटिक टेक्नोलॉजी ने दुनिया को भारत की सैन्य मजबूती का स्पष्ट संदेश दिया। सेना के लड़ाकू हेलिकॉप्टरों ने पुष्पवर्षा कर परेड को और भी भव्य बना दिया।

46 मीटर मॉड्यूलर ब्रिज का दमदार प्रदर्शन

भारतीय सेना ने परेड के दौरान 46 मीटर लंबे मॉड्यूलर ब्रिज का प्रदर्शन किया। यह ब्रिजिंग सिस्टम युद्ध और आपदा दोनों स्थितियों में नदियों और खाइयों को तेजी से पार करने में सक्षम है, जो सेना की इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाता है।

61वीं कैवेलरी का ऐतिहासिक गौरव

परेड में 61वीं कैवेलरी कंटिंजेंट के घुड़सवारों ने खास आकर्षण बटोरा। यह दुनिया की एकमात्र सक्रिय घुड़सवार कैवेलरी रेजिमेंट है, जिसकी स्थापना 1953 में हुई थी और जिसे इतिहास में अंतिम घुड़सवार चार्ज का नेतृत्व करने का गौरव प्राप्त है।

ऑपरेशन सिंदूर और लोक संस्कृति की झलक

परेड में प्रस्तुत झांकियों में ऑपरेशन सिंदूर की झलक के साथ राजस्थान की समृद्ध लोक कला और संस्कृति भी दिखाई दी। नेपाली सेना के बैंड की विशेष प्रस्तुति ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय रंग प्रदान किया।

इन रेजिमेंट्स के जवानों में दिखा जोश

परेड में भैरव बटालियन, 61 कैवेलरी, राजपूत रेजिमेंट, मद्रास रेजिमेंट और गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों का उत्साह देखते ही बनता था। एनसीसी कैडेट्स और हथियार प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी ने नारी शक्ति का संदेश भी दिया।

वीरों की अगुवाई में परेड

परेड की अगुवाई परमवीर चक्र, अशोक चक्र और महावीर चक्र विजेताओं ने की। इस दृश्य ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और गर्व से भर दिया।

इन गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह रहे। इस अवसर पर सीडीएस अनिल चौहान, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, डिप्टी सीएम दिया कुमारी, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ सैन्य और संवैधानिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जयपुर में आयोजित यह ऐतिहासिक सेना दिवस न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बन गया, जिसने भारत की सैन्य शक्ति और एकता का संदेश दुनिया तक पहुंचाया।

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