77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ से गूंजा भारत का पराक्रम, ऑपरेशन सिंदूर बना परेड का दिल

Republic Day 2026

Republic Day 2026: नई दिल्ली।भारत ने 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस कर्तव्य पथ पर बेहद भव्य, भावुक और ऐतिहासिक अंदाज में मनाया। करीब 90 मिनट तक चली परेड में हर पल देश की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भर भारत की प्रगति की कहानी कहता नजर आया।इस साल की परेड सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं थी, बल्कि यह भारत के अतीत,(Republic Day 2026) वर्तमान और भविष्य को जोड़ने वाला जीवंत उत्सव बन गई।

परेड का केंद्रीय भाव: ‘वंदे मातरम’

77वें गणतंत्र दिवस परेड का मुख्य फोकस ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर रहा। इस थीम को दो बड़े मंत्रों में प्रस्तुत किया गया…स्वतंत्रता का मंत्र: आजादी की लड़ाई, संविधान की आत्मा और बलिदान की भावना

आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी हथियार और तकनीकी शक्ति

सुबह 10:30 बजे परेड की शुरुआत हुई। पहले चरण में 100 कलाकारों ने ‘विविधता में एकता’ को दर्शाता सांस्कृतिक प्रदर्शन किया। इसके बाद चार Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर से गुजरते हुए पुष्पवर्षा की, जिसने माहौल को भावुक बना दिया।

राष्ट्रपति ने ली परेड की सलामी, दो मुख्य अतिथि बने गवाह

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर्तव्य पथ पर बग्गी में सवार होकर पहुंचीं। उनके साथ इस वर्ष के मुख्य अतिथि—यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मौजूद रहीं।

यह पहली बार था जब गणतंत्र दिवस समारोह में दो मुख्य अतिथि शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और अतिथियों का स्वागत किया।

परेड की आत्मा बना ‘ऑपरेशन सिंदूर’

मई 2025 में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को इस बार परेड का सबसे प्रभावशाली हिस्सा बनाया गया। तीनों सेनाओं—थल, जल और वायु—के संयुक्त टेबल्यू में इस ऑपरेशन की ताकत और रणनीति को दर्शाया गया।

इस दौरान भारत के अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया गया

ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल
आकाश और MRSAM एयर डिफेंस सिस्टम, अपाचे AH-64E और प्रचंड LCH हेलीकॉप्टर, धनुष तोप, ATAGS और S-400 सिस्टम, पहली बार हाइपर-सोनिक ग्लाइड मिसाइल इसके साथ ही ड्रोन शक्ति, ग्लेशियर ATV, बुलेटप्रूफ डॉग यूनिट, रैप्टर्स (ईगल्स) और बैक्ट्रियन कैमल्स ने दर्शकों को हैरान कर दिया।

वायुसेना का खास ‘सिंदूर फॉर्मेशन’

भारतीय वायुसेना ने इस बार विशेष ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ बनाकर आसमान में देश की ताकत का संदेश दिया। इस फॉर्मेशन में—

2 राफेल
2 सुखोई-30
2 MiG-29
1 जगुआर

कुल 29 एयरक्राफ्ट फ्लाईपास्ट में शामिल हुए। ‘प्रहार फॉर्मेशन’ में ध्रुव हेलीकॉप्टरों ने ऑपरेशन सिंदूर का ध्वज लहराया, जिसने दर्शकों में जोश भर दिया।

77वें गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार क्या हुआ?

इस वर्ष की परेड कई मायनों में ऐतिहासिक रही—

कुल 6,065 प्रतिभागियों की भागीदारी
2,500 कलाकार और 10,000 विशेष अतिथि
18 मार्चिंग कॉन्टिन्जेंट्स का प्रदर्शन
अग्नीपथ बैंड में 9 महिला अग्निवीर पहली बार शामिल
13 मिलिट्री बैंड और EU मिलिट्री कॉन्टिन्जेंट की भागीदारी
सेना का पहली बार लाइव युद्ध डिस्प्ले
बैक्ट्रियन कैमल, एडवांस्ड डॉग यूनिट और रैप्टर्स की ऐतिहासिक एंट्री

कर्तव्य पथ से गया आत्मविश्वास का संदेश

77वां गणतंत्र दिवस समारोह सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास, सैन्य मजबूती और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रदर्शन था। कर्तव्य पथ से यह साफ संदेश गया कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन अपनी सुरक्षा और संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं करेगा।

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